प्रशासन के इकबाल से समझौता नहीं-मुख्य सचिव

पटना.25 सितम्बर।
  मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को  कानून व्यवस्था को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की.। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए. हालिया घटनाओं (जमुई बदसलूकी केस) के बाद सरकार पूरी तरह सतर्क है। 
प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करेंह
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व को सख्त संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन के इकबाल से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राज्य को पूरी तरह अपराध मुक्त बनाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है। हर हाल में कानून का राज कायम रहना चाहिए. पुलिस अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तुरंत बदलाव दिखाने के निर्देश दिए गए हैं.

अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए फील्ड मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शिथिल कार्यशैली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी.
पुलिस अधीक्षक अपने जिलों में बल के वास्तविक लीडर के रूप में जिम्मेदारी संभालें. अनुमंडल स्तर तक सघन गश्त और पैनी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं.
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. गैर-गंभीर पुलिस अधिकारियों को उनके पदों से तुरंत हटाया जाएगा. कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी. सड़कों पर पुलिस इकाइयों को हमेशा गतिशील और अलर्ट रहना होगा. अपराधियों पर नकेल कसने के लिए विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर चेकपोस्ट स्थापित किए जाएंगे.

मुख्य सचिव ने हालिया मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए जमुई पुलिस की सराहना की. उन्होंने इस मुस्तैदी को अन्य जिलों के लिए भी एक बेहतरीन मिसाल बताया. इसके अतिरिक्त मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों को जिलों के साथ टैग किया जाएगा. ये अधिकारी धरातल पर जाकर फील्ड विजिट करेंगे और जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलों में ही रात्रि विश्राम भी करेंगे.

आसन्न त्योहारों के सीजन को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. सार्वजनिक सुरक्षा में कोई ढील नहीं मिलनी चाहिए. स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क को और अधिक मजबूत किया जाए. इसके साथ ही भ्रामक सूचनाओं और फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने तुरंत और कड़ी कानूनी कार्रवाई वाली रैपिड एक्शन पॉलिसी अपनाई है.
बैठक के समापन पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों की जवाबदेही तय .
"की। प्रत्येक जिले के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के कामकाज का निरंतर मूल्यांकन किया जाएगा. यह मूल्यांकन उनकी त्वरित प्रतिक्रिया, जनता से मिलने वाले फीडबैक और सुरक्षा के जमीनी स्तर पर आधारित होगा. प्रशासनिक सजगता से ही राज्य में शांति व्यवस्था सुदृढ़ बनी रह सकती है.

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