पटना की तरह सफियाबाद से भागलपुर तक 10 हजार करोड़ की लागत से मरीन ड्राइव निर्माण*

*सफियाबाद से भागलपुर तक 10 हजार करोड़ की लागत से मरीन ड्राइव का निर्माण, मुंगेर को धार्मिक पर्यटन के रूप में किया जा रहा है विकसित-सम्राट चौधरी*

•*समृद्धि यात्रा के दौरान मुंगेर और लखीसराय पहुंचे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी*

•*रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे से कोलकाता का सफर होगा आसान*

•*मुंगेर को धार्मिक और पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना*

•*लखीसराय के कजरा में देश के सबसे बड़े सोलर प्लांट का हो रहा है निर्माण*

पटना,19 मार्च। बिहार के उपमुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुंगेर के सफियाबाद से भागलपुर तक करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से मरीन ड्राइव का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रक्सौल से हल्दिया तक बनने वाले एक्सप्रेसवे के माध्यम से यहां से कोलकाता की दूरी महज 5 से 6 घंटे में तय की जा सकेगी। वहीं लखीसराय में श्री चौधरी ने कहा कि एक करोड़ नौकरी रोजगार के लिए जिले के कजरा में देश का सबसे बड़े सोलर प्लांट की स्थापना की जा रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समृद्धि यात्रा के दौरान मुंगेर और लखीसराय पहुंचे श्री चौधरी ने मुंगेर के सफियाबाद हवाई अड्डा परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्याय यात्रा, प्रगति यात्रा और समृद्धि यात्रा के माध्यम से बिहार के विकास की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने कहा कि एक समय मुंगेर कई जिलों के अलग होने के बाद छोटा और संसाधनविहीन जिला बन गया था। टापू जैसी स्थिति में था, लेकिन अब यहां विकास के नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुंगेर में सड़कों का व्यापक विकास हुआ है और अब रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। इसके अलावा मुंगेर से मिर्चाचौकी तक सड़क निर्माण कार्य भी किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंगेर को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। गंगा के किनारे घाटों का निर्माण किया जाएगा। विश्वप्रसिद्ध मां चंडिका स्थान, सीताकुंड और माता तेलडीहा स्थान मंदिरों का जीर्णोद्धार कर उन्हें प्रमुख धार्मिक स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही भीमबांध को राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। उस समय राज्य में केवल 6 हजार किलोमीटर सड़कें थीं, जबकि आज यह बढ़कर करीब 1 लाख 40 हजार किलोमीटर हो गई हैं। बिहार का बजट भी पहले लगभग 23 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये हो गया है।
बिजली के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां केवल 17 लाख बिजली उपभोक्ता थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 2 करोड़ 16 लाख हो गई है। राज्य में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे लगभग 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आ रहा है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि अब सरकार का मुख्य फोकस रोजगार और उद्योगों के विकास पर है। सेमीकंडक्टर नीति, औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर तथा आईटी सेक्टर को बढ़ावा देकर युवाओं को राज्य में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से 2025 के बीच 57 लाख से अधिक लोगों को नौकरी और रोजगार दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजे गए हैं और आगे भी इस दिशा में काम जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार जल्द ही उद्योग हब के रूप में उभरेगा और युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।

वहीं लखीसराय के कजरा में जनसभा को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा-कभी कजरा आने का एकमात्र रास्ता रेल ही हुआ करता था। लेकिन आज कजरा और इसके आसपास सड़कों का जाल बिछ गया है और अब एक्सप्रेस बनने जा रहा है। रक्सौल से हल्दिया एक्सप्रेस निर्माण के बाद कजरा लखीसराय के लोग 6 से सात घंटे में कोलकाता पहुंचेने का काम करेंगे। कजरा में देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। श्री चौधरी ने कहा लखीसराय का विकास नहीं थमने दिया जाएगा। अगले पांच साल में बिहार से रोजगार के लिए कोई पलायान नहीं करेगा सबको यहीं रोजगार देने का काम सरकार करेगी। श्री चौधरी ने एकबार फिर दोहराया कि बिहार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में विकास की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।

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