बीजेपी अध्यक्ष  नितिन नवीन बोले-बांकीपुर के विधायक के रूप में भी मैं अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता रहूंगा
पटना,10 फरवरी।बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने बतौर विधायक पहली बार विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लिया। सदव में उन्हें विशिष्ट सम्मान मिला। पार्टी अध्यक्ष बनने पर उन्होंने मंत्री से पदत्याग किया। सदन में उन्हें डिप्टी स्पीकर के लिए तय सीट पर बैठने की जगह देकर उनका सदस्यों ने न सिर्फ अभिनंदन किया बल्कि बिहार के एक युवा नेता को देस की सबसे बडी पार्टी की अगुवाई का अवसर मिलने का गौरव गान किया
सदन में प्रवेश के पहले बीजेपी अध्यक्ष को पोर्टिंग में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और दोनों डिप्टी सीएम ने आगवानी की। नितिन नवीन पहले सीएम व जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार से उनके कक्ष में मुलाकात की। सीएम अपने कक्ष में बैठे रह विधायक नितिन नवीन का भाषण सुनते रहे।
नितिन नवीन ने सदन में दिए औअपने भाषण में  फ्यूचर प्लान के बारे में भी बताया. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मुझे पार्टी ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी है उसे तो मैं निभाता ही रहूंगा लेकिन बांकीपुर के विधायक के रूप में भी मैं अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता रहूंगा.

"पार्टी और बिहार के लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है. उस पर खरा उतरने का काम करूंगा. अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रति भी जो मेरी जिम्मेदारी है, उसे भी पूरा करूंगा."-

नितिन नवीन बोले—बिहार की छवि बदली है।  कहा कि 
 उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को काम करते देखा है और उनसे प्रेरणा ली है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में आने वाले नए लोग एक ओर अपनी पार्टी के विचारों के साथ आते हैं और दूसरी ओर जनता के बीच से जनादेश लेकर आते हैं। सदन में वे जनता के मुद्दों से मजबूती के साथ जुड़ते हैं और यहां यह सीखने को मिलता है कि जनता की बातों को सरकार के समक्ष कैसे रखा जाए और उनकी आवाज कैसे बना जाए।
बिहार के पूर्न मंत्री और चार बार के विधायक नितिन नवीन ने कहा कि एक विधायक के रूप में वे विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन में बैठते हैं और इस बात की भी चिंता करते हैं कि सदन की गरिमा कैसे बनी रहे। उन्होंने कहा कि वह 2006 में पहली बार विधायक बने और तब से देख रहे हैं कि किस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की छवि सुधारने का काम किया। उन्होंने कहा कि जब वे पढ़ाई के लिए बाहर जाते थे, तब बिहार के लिए किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था, यह वे अच्छी तरह जानते हैं।
उन्होंने कहा कि 2005 के दौर की बात वे किसी सत्तापक्ष या विपक्ष के नेता के रूप में नहीं, बल्कि उस छात्र के रूप में कर रहे हैं जो पढ़ाई के लिए बाहर गया था। उन्होंने कहा कि 2006 से 2026 के बीच बिहार को देखकर लगता है कि अगर आज राज्य को देश में सम्मान मिल रहा है, तो पिछले 20 वर्षों में बिहार की छवि बदली है।
नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर भरोसा जताया है और पार्टी के कामकाज में हमेशा व्यवस्था का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि सदन में कई वरिष्ठ नेता रहे हैं जिन्होंने बिहार को गौरवपूर्ण समय दिया, लेकिन जो नेतृत्व आज उनके सामने है, उससे भी प्रेरणा लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सेवा भाव से काम किया है, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से यह सीखने को मिला कि सरकार में रहते हुए सुशासन की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से कैसे लागू किया जाए।
अपने पिता नवीन किशोर सिन्हा को याद करते हुए वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने पिता की छवि को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आज सभी जनप्रतिनिधियों को जनता से इस तरह जुड़ने की जरूरत है कि अगर वे न भी रहें, तब भी उनके कामों की चर्चा होती रहे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनके न रहने पर भी लोग उनकी सोच को याद करें।
इस अवसर पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू)के वरिष्ठ नेता और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि भाजपा नेतृत्व का यह चयन स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि चयन के जो भी मानदंड रहे होंगे, उनमें नितिन नवीन न केवल खरे उतरे होंगे, बल्कि सभी नामों में अव्वल रहे होंगे। उन्होंने कहा कि नवीन जितने सरल हैं, उतने ही दक्ष और कुशल नेता भी हैं। उन्होंने एक सदस्य और मंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने बिहारवासियों और सदस्यों की ओर से उन्हें बधाई दी और शुभकामनाएं दीं कि वे भाजपा को उस स्तर तक पहुंचाएं कि भविष्य में किसी बिहारी पर भरोसा करने में कोई संकोच न हो।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि इस सदन का कोई सदस्य इतनी बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, यह गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने एक बिहारी को इतना बड़ा दायित्व देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि नितिन हमारे ‘बॉस’ हैं, जो बड़ी बात है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में 17 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाने वाले वह पहले मंत्री हैं और संगठन के तौर पर भी यह गर्व का विषय है।
इससे पहले नवीन का बिहार विधानसभा पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। वह सदन के सदस्य भी हैं।
सदन में अब सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी भाजपा के सदस्यों ने बांकीपुर के विधायक नवीन के स्वागत में ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, जो स्वयं भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, ने कहा कि यह सदन के लिए गर्व की बात है कि उसके एक सदस्य ने राष्ट्रीय राजनीति में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
इसके बाद अध्यक्ष ने विभिन्न दलों के नेताओं से नवीन पर अपने विचार साझा करने का आग्रह किया।
भाजपा की पैंतालीस वर्ष के बराबर नेता नितिन नवीन को  एक महीने पहले पार्टी के शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था।


 लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राजू तिवारी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के माधव आनंद और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की ज्योति देवी ने भी नितिन नवीन के बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई देने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य और बेहतर योगदान देने की शुभकामनाएं दी।
उल्लेखनीय है कि इससे कुछ समय पहले ही राज्य में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं के विरोध में विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया था।

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