अगले दो वर्षों में सभी प्रखंडों में खोले जाएंगे डिग्री कॉलेज

*जन नायक का एनडीए ने सही मायनों में किया सम्मान, कर्पूरी ठाकुर को नरेंद्र मोदी ने दिया भारत रत्न-सम्राट चौधरी*

• *बिहार में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियों से औद्योगिक विकास को बढ़ावा*

• *राज्य के 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं में से करीब 1.70 करोड़ परिवारों का बिजली बिल शून्य*

पटन,29 जनवरी। बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को सही मायनों में सम्मान देने का काम एनडीए ने किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया। 
उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समृद्धि यात्रा के दौरान समस्तीपुर के हाउसिंग बोर्ड मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांव-गांव शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली पहुंचाने के बाद अब सरकार का मुख्य फोकस रोजगार सृजन पर है। एनडीए सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन की समस्या समाप्त होगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जा रहा है और सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत तकनीक से जुड़ी फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। इससे बिहार तकनीकी और औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि एनडीए सरकार ने न्याय के साथ विकास की नीति अपनाते हुए बिहार के विकास को नई दिशा दी है। न्याय यात्रा, प्रगति यात्रा और समृद्धि यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री जी ने राज्य में विकास की मजबूत नींव रखी गई है। प्रगति यात्रा में घोषित सभी योजनाओं की शुरुआत हो चुकी है 2026 में उन्हें पूरा किया जाएगा।

श्री सम्राट चौधरी 2005 से पहले के बिहार का जिक्र करते हुए कहा- 20 साल पहले बिहार में गांवों में सड़क, बिजली, स्वच्छ पानी, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन आज हर घर तक बिजली पहुंच चुकी है। राज्य के 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं में से करीब 1.70 करोड़ परिवारों का बिजली बिल शून्य आ रहा है। सड़कों का जाल बिछा, सबको पीने के लिए स्वच्छ जल मिल रहा है। स्वास्थ्य-शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव हुआ है।

श्री चौधरी ने बताया कि 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाई गई है, जिससे वे रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। सरकार उन्हें आगे भी दो लाख रुपये तक सहायता देने का काम करेगी।

अगले दो वर्षों में सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। 500 करोड़ रुपये निवेश करने वाले उद्योग, 1000 लोगों को रोजगार देने वाले उद्योग को एक रुपये में जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर को उद्योग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। समस्तीपुर बिहार के विकास का केंद्र बन रहा है। समस्तीपुर की जनता ने यहां 10 में 8 सीटों पर जीत दिला कर प्रचंड जनादेश दिया है। एनडीए सरकार जनता से किए हर वादे को पूरा करेगी।
[29/01, 5:43 pm] +91 79799 52872: *प्रकाशनार्थ/प्रसारनार्थ*
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*सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार*
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29-01-2026

*बाल श्रम समाज के लिए अभिशाप, बच्चों को स्कूल तक पहुंचना लक्ष्य-सम्राट चौधरी*

•*बाल श्रम से मुक्त कराए बच्चों को पहुंचाना होगा स्कूल*

•*शिक्षा से ही होगा उनका सर्वांगीण विकास*

•*अगले पांच साल में बाल श्रम मुक्त बिहार बनाने का उपमुख्यमंत्री ने दिया लक्ष्य*

•*हर पंचायत में हाईस्कूल और हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज की योजना*

•*सस्ती तकनीकी और मेडिकल शिक्षा पर सरकार का जोर*

पटना/बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाल श्रमिक होना समाज के लिए कोढ़ है, अभिशाप है। उन्होंने कहा कि यदि आज भी हजारों बच्चे बाल श्रमिक के रूप में काम कर रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। श्री चौधरी ने कहा कि बाल श्रम आयोग का गठन इसलिए किया गया है ताकि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के जीवन में खुशहाली लाई जा सके।
बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग पटना द्वारा, बाल श्रम की रोकथाम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास को लेकर आयोजित एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन में खुशहाली लाने का एकमात्र रास्ता उन्हें शिक्षित और ज्ञानवान बनाना है। सिर्फ बाल श्रम से मुक्त कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने बाल श्रम के खिलाफ काम करने वाली संस्थाओं की भी सराहना की।
श्री चौधरी ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे ही अधिकतर बाल श्रम के शिकार होते हैं। इन्हें बाल श्रम से मुक्त कराकर उनकी प्रतिभा का सही उपयोग करने का अवसर देना जरूरी है।
श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। हर पंचायत में हाईस्कूल का निर्माण किया गया है और अगले दो वर्षों में हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, ताकि खासकर बच्चियों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। उन्होंने बताया कि अब अनुमंडल स्तर पर आईटीआई, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग कॉलेज और जिला स्तर पर महिलाओं के लिए आईटीआई और पारा मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में इंजीनियरिंग की पढ़ाई सबसे सस्ती है, जहां मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग और 5 रुपये में पॉलिटेक्निक की पढ़ाई हो रही है। राज्य के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं और मेडिकल शिक्षा का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। पहले जहां केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, अब 27 मेडिकल कॉलेज तैयार हो रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुएशन स्तर तक छात्रवृत्ति देकर छात्रों को आगे बढ़ने में मदद कर रही है। उन्होंने बाल श्रम से बच्चों को मुक्त कराने वाले संगठनों से अपील की कि वे बड़े स्तर पर काम करें और हर पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य रखें।
उन्होंने कहा कि जैसे कोसी नदी कभी बिहार के लिए अभिशाप थी। अब जल प्रबंधन के कारण वरदान बन गई है, उसी तरह बाल श्रम जैसे अभिशाप को भी खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि बाल श्रम आयोग और श्रम विभाग को इस दिशा में और अधिक सक्रिय होकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की धरती है और यहां के बच्चों को ज्ञान से दूर नहीं रहने दिया जाएगा।

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