नीतीश के बेटे निशांत बने विरासत और सियासत बचाने की उम्मीद और भरोसे की किरण
सीएम ने बेटे से कहा – बिहार के दिल में अपनी जगह बनाना है विजन।
निशांत कुमार ने  सदस्यता लेने के बाद लोकनायक जय प्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। 
इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लिया। कहा-आपकी यह मुस्कान पूरे बिहारको रोशनी करती है पिताजी ।

पटना,08 मार्च। सत्तारूढ जदयू को आज मानो सबकुछ मिल गया।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में आयोजित भव्य समारोह में   पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। संजय झा और ललन सिंह का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं का अभिवादन किय। गाजे-बाजे,हाथी,ऊंट,घोड़े के साथ जुटी कार्यकर्ताओं ने निशांत के पहुंचने पुष्प वर्षा की । मुख्यमंत्री के तय इस्तीफा के माहौल में जदयू में निशांत युग के आगाज के समय पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को छोड़कर अधिसंख्य नेता,मंत्री,जिलाध्यक्ष सहित हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने निशांत के राजनीति कूदने और पिता नीतीश के 20 साल के कामों को जनता तक पहुंचाने के संकल्प का स्वागत किया।
कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सदस्यता दिलाई और केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह ने प हरा पट्टा दिया।
 निशांत ने कहा-  मेरे पिताजी ने 20 साल में जो किया, उसे जनता तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा।  जो भी काम किया है, वह सबको याद रहेगा। मुझे गर्व है।
2003 में लालू प्रसाद को  राजनीतिक मुकाबला के लिए जार्ज फर्नांडीस, शरद यादव व नीतीश कुमार द्वारा बनाई गई जदयू में  किसी की इंट्री के लिए ऐतिहासिक आयोजन रहा।नीतीश के राज्यसभा जाने की तैयारी और बीजेपी की नई सरकार बनने के राजनीतिक माहौल में नीतीश की विरासत और पार्टी का भविष्य बचाने के लिए निशांत उम्मीद और भरोसे की किरण बने हैं नीतीश के इकलौते संतान 50 वर्ष के निशांत ने  पिता की तरह इंजीनियरिंग की।अविवाहित हैं और आज तक राजनीति से दूर रह अध्यात्म की राह चलते दिखे हैं। भविष्य में "नीतीश" की विरासत, सियासत,पार्टी का भविष्य बचाने की कठिन चुनौती होगी।निकट भविष्य में संगठन की बागडोर संभालने और नई सरकार में डिप्टी सीएम की भूमिका मिलने पर भी सक्रियता ही मंजिल हासिल करायेगा। परिवारवाद की राजनीति से दूरी रखने का नीतीश का दंभ सीएम से पदत्याग करने की काल परिस्थिति की मजबूरी के कारण निकल गया। 
निशांत को एक-एक कर पार्टी के जिलाध्यक्षों से परिचय के बाद विशालतम ने आने वाले महीने से जिलों में जाने की ठानी है।
वहीं सीएम नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के पहले 10 मार्च से जिला संवाद कार्यक्रम के लिए दौरे पर जाने का तय किया है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 मार्च से सीमांचल और कोसी क्षेत्र की समृद्धि यात्रा पर निकलेंगे. इस दौरान वे मधेपुरा में तीन दिनों का प्रवास करेंगे और छह जिलों में विकास कार्यों का जायजा लेंगे।
 इस दौरान वे मधेपुरा में तीन दिनों का प्रवास करेंगे और छह जिलों मधेपुरा,किशनगंज, अररिया,कटिहार, पूर्णिया,सहरसा और खगड़िया में विकास कार्यों का जायजा लेंगे। 11 मार्च को अररिया व किशनगंज, 12 मार्च को कटिहार व पूर्णियाऔर अंतिम चरण में मधेपुरा से सहरसा व खगड़िया जायेंगे।
पार्टी के कर्पूरी ठाकुर सभागार में आयोजित समारोह में प्रदेश अध्यक्ष व विधायक उमेश कुशवाहा ,मंत्री विजय कुमार चौधरी,विजेन्‍द्र प्रसाद यादव, लेशी सिंह सहित अन्य कई मंचासीन थे।
पार्टी के कर्पूरी ठाकुर सभागार में आयोजित समारोह में प्रदेश अध्यक्ष व विधायक उमेश कुशवाहा ,मंत्री विजय कुमार चौधरी,विजेन्‍द्र प्रसाद यादव,  श्लेरवण कुमार, लेशी सिंह सहित अन्य कई मंचासीन थे।
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