बिहार विधान परिषद उपचुनाव: भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट के लिए 12 मई को होगा मतदा
अधिसूचना 16 अप्रैल 2026 को जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 24 अप्रैल को होगी और उम्मीदवार 27 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकेंगे।

पटना | 09 अप्रैल,।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ने वाली है। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद (MLC) की रिक्त पड़ी भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 

आयोग द्वारा गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस सीट पर आगामी 12 मई को मतदान कराया जाएगा।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
यह सीट निवर्तमान विधान पार्षद (MLC) राधा चरण साह के विधानसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद खाली हुई थी। 

नियमानुसार, किसी सदस्य के निचले सदन (विधानसभा) में चुने जाने के बाद उन्हें उच्च सदन (विधान परिषद) की सदस्यता से इस्तीफा देना होता है, जिसके कारण इस क्षेत्र में उपचुनाव की स्थिति बनी है।
चुनाव कार्यक्रम की मुख्य कड़ियां:


निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होगी

स्थानीय प्राधिकार चुनाव का महत्व
75 सदस्यीय ​बिहार विधान परिषद की यह सीट विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसमें स्थानीय निकायों के 24 प्रतिनिधि (जैसे वार्ड पार्षद, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य) मतदाता होते हैं। 
भोजपुर और बक्सर जिलों की स्थानीय राजनीति पर पकड़ रखने वाले दलों के लिए यह चुनाव साख का विषय माना जा रहा है।
​राजनीतिक हलचल तेज
​घोषणा के साथ ही भोजपुर और बक्सर जिलों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। 
सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी दल, दोनों ने ही इस सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। राधा चरण साह के उत्तराधिकारी के रूप में कौन चेहरा सामने आएगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
​जिला प्रशासन को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है।

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