कब होगा सीएम का पदत्याग, कौन बनेगा सीएम, कब बनेगी वई सरकार?
अरुण कुमार पांडेय 
बिहार की सियासत इन दिनों कब और कौन में उलझी है।
 नीतीश 16 मार्च से राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हो गये हैं। अब 14 दिनों के अंदर किसी एक सदन की सदस्यता छोड़ने की कानूनी बाध्यता होगी। परिषद से इस्तीफा नहीं करने पर 30 मार्च को राज्यसभा से उनका स्वत: इस्तीफा प्रभावी होगा।हालांकि 10 अप्रैल से उनकी राज्यसभा की सदस्यता शुरु होगी। 
अब लाख टके का सवाल है कि सीएम परिषद की सदस्यता कब छोड़ेंगे और कब होगा उनका सीएम से पदत्याग ?
 भरोसेमंद सूत्र का कहना है कि

28 मार्च को नई सरकार बनेगी। उसके एक-दो दिन पहले नीतीश कुमार परिषद की सदस्यता छोड़कर सीएम से पद त्याग करेंगे। 
स्वभाविक है नीतीश कुमार के पहली बार राज्यसभा जाकर तीन दशक बाद केंद्र की राजनीति में लौटने पर बिहार का राजनीतिक परिदृश्य बदलेगा।बिहार में पहली बार भाजपाई सीएम बनने का सपना साकार होगा। लवकुश की राजनीति को आगे बढाने का दायित्व संभालने वाले का चेहरा बदलेगा।
बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति की मजबूरी ने नीतीश कुमार को दिल्ली जाने , राजनीतिक विरासत संभालने और 2003 में बने जदयू का भविष्य बचाने के लिए इकलौते बेटे निशांत को राजनीति में लाकर नई सरकार में मह्त्वपूर्ण दायित्व सौपने की मजबूरी सामने आई है।
बिहार में अवश्य॔भावी राजनीतिक बदलाव में कौन भाजपाई सीएम बनेगा यह तो भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व यथा पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही तय करेंगे । परंतु यह भी तय है कि अगला सीएम तय करने में नीतीश की पसंद को ही तरजीह मिलेगी।
दरअसल सीएम के मन में क्या चल रहा,यह कहना तो मुश्किल है। इधर जदयू में तो निशांत को ही सीएम बनाने की आवाज भी गूंजने लगी है। 
हकीकत है कि जदयू के 85 विधायकों के संख्या बल के मद्देनज़र जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार की इच्छा और पसंद से ही नया सीएम तय होगा। नीतीश-सम्राट के बीच मौजूदा संबंध और समृद्ध यात्रा में नीतीश कुमार द्वारा सम्राट चौधरी को आगे करने का खुला प्रदर्शन भी उनकी पहली पसंद होने का संदेश है। सम्राट चौधरी भी कहते रहे हैं नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने पर भविष्य में भी उन्हीं के मार्गदर्शन में सरकार चलेगी। उनके काम को आगे बढाने के साथ बिहार का तेजी से विकास होगा।
भाजपाइयों के बीच 
नये सीएम के रुप में कई नाम चर्चा में हैं ।परंतु सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। पिछड़ा बहुल बिहार में लालू प्रसाद की राजनीतिक काट में एनडीए का अगला सीएम कोई पिछड़ा ही होगा। नीतीश के लव-कुश समीकरण को साधने में नीतीश के बाद सम्राट को ही सशक्त व्यक्त के रूप में देखा जाता है।
फिलहाल सीएम नीतीश कुमार की चौबे चरणजीत समृद्धि यात्रा से 30 जिलों जन संवाद का कार्यक्रम पूरा होगा पांचवें और अंतिम चरण में बचे 8 जिलों की यात्रा के बाद बाईज्जत सीएम पद से पदत्याग और नई सरकार का गठन अवश्य॔भावी है।


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