हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना :सुनील कुमार
60,204.60 करोड़ रुपये का बजट सदन पटल पर रखा. विपक्षी सदस्यों ने जहां शिक्षा की बदहाली का आरोप लगाया 60,204.60 करोड़ रुपये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी सवाल खड़ा किया. मंत्री के जवाब का बहिष्कार भी किया.


विधानसभा में शिक्षा विभाग का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विपक्ष के विरोध और बहिष्कार पर तंज कसा आपलोग आदत से लाचार हैं
पटना,19 फरवरी ।
 बिहार  विधानसभा में आज  शिक्षा विभाग का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो गया। शिक्षा विभाग के बजट पर चर्चा हुई. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग की अनुदान मांग पर दो घंटे की चर्चा के जबाव में विपक्ष के विरोध और बहिष्कार पर तंज कसा आदत से लाचार हैं। विपक्षी सदस्यों ने जहां शिक्षा की बदहाली का आरोप के साथ  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी सवाल खड़ा किया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर  सदन से बहिर्गमन बहिष्कार  किया।

बिहार में शिक्षा पर राष्ट्रीय औसत खर्च से ज्यादा :  शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय औसत से भी अधिक शिक्षा पर खर्च हो रहा है। छात्र-शिक्षक रेशियो अब 29:1 हो गया है। तो वहीं ड्रॉप आउट 1% से भी कम है।
 शिक्षा मंत्री ने मैट्रिक परीक्षा में एक केन्द्र पर छात्रा को प्रवेश की अनुमति नहीं  देने पर सफाई भी दी। कहा इस मामले को मैं देखूंगा।वहीं अशोक चौधरी के डिग्री पर भी सफाई दी
चर्चा के बाद सरकार का जवाब : शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि विपक्ष के तरफ से कुछ सकारात्मक बातें आती। उन्नत शिक्षा उज्जवल भविष्य के सात निश्चय-3 के तहत हम लोग काम कर रहे हैं। बिहार में वर्ष 2005 में शिक्षा विभाग का बजट 4400 करोड़ था जो 2025-26 से बढ़कर 60964 करोड़ रुपए हो गया था।

2026-27 में 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट है। अब राष्ट्रीय औसत 14% से अधिक बिहार का शिक्षा बजट है। पहले शिक्षा का क्या हाल था, स्कूल की कमी थी आधारभूत संरचना का अभाव था, शिक्षकों की कमी थी.- 

बिहार की योजना दूसरे देश अपना रहे : 
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ सदस्यों ने वेतन को लेकर आरोप लगाया है तो 5,87,000 शिक्षकों को हर महीने 5 तारीख को वेतन दे दिया जाता है।वेतन देने में कहीं कोई समस्या नहीं है।
 शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार की साइकिल योजना दूसरे देश भी अपना रहे हैं। जांबिया और माले में यह योजना काफी सफल रही है।60,204.60 करोड़ रुपये का बजट सदन पटल पर रखा. विपक्षी सदस्यों ने जहां शिक्षा की बदहाली का आरोप लगाया 60,204.60 करोड़ रुपये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी सवाल खड़ा किया. मंत्री के जवाब का बहिष्कार भी किया.

बिहार में शिक्षा पर राष्ट्रीय औसत खर्च से ज्यादा : हालांकि शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय औसत से भी अधिक शिक्षा पर खर्च हो रहा है. छात्र-शिक्षक रेशियो अब काफी कम हो गया है. तो वहीं ड्रॉप आउट 1% से भी कम है. शिक्षा मंत्री ने मैट्रिक परीक्षा में छात्रा को इंटर नहीं करने देने पर सफाई भी दी. कहा इस मामले को मैं देखूंगा. वहीं अशोक चौधरी के डिग्री पर भी सफाई दी.
चर्चा के बाद सरकार का जवाब : शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि विपक्ष के तरफ से कुछ सकारात्मक बातें आती. उन्नत शिक्षा उज्जवल भविष्य के सात निश्चय-3 के तहत हम लोग काम कर रहे हैं. बिहार में वर्ष 2005 में शिक्षा विभाग का बजट 4400 करोड़ था जो 2025-26 से बढ़कर 60964 करोड़ रुपए हो गया था.

विधानसभा में शिक्षा विभाग का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विपक्ष के विरोध और बहिष्कार पर तंज कसा आदत से लाचार हैं
पटना,19 फरवरी ।
 बिहार विधानसभा में आज शिक्षा विभाग का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो गया। शिक्षा विभाग के बजट पर चर्चा हुई. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग की अनुदान मांग पर दो घंटे की चर्चा के जबाव में विपक्ष के विरोध और बहिष्कार पर तंज कसा आदत से लाचार हैं। विपक्षी सदस्यों ने जहां शिक्षा की बदहाली का आरोप के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी सवाल खड़ा किया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन बहिष्कार किया।

बिहार में शिक्षा पर राष्ट्रीय औसत खर्च से ज्यादा : शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय औसत से भी अधिक शिक्षा पर खर्च हो रहा है। छात्र-शिक्षक रेशियो अब 29:1 हो गया है। तो वहीं ड्रॉप आउट 1% से भी कम है।
 शिक्षा मंत्री ने मैट्रिक परीक्षा में एक केन्द्र पर छात्रा को प्रवेश की अनुमति नहीं देने पर सफाई भी दी। कहा इस मामले को मैं देखूंगा।वहीं अशोक चौधरी के डिग्री पर भी सफाई दी
चर्चा के बाद सरकार का जवाब : शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि विपक्ष के तरफ से कुछ सकारात्मक बातें आती। उन्नत शिक्षा उज्जवल भविष्य के सात निश्चय-3 के तहत हम लोग काम कर रहे हैं। बिहार में वर्ष 2005 में शिक्षा विभाग का बजट 4400 करोड़ था जो 2025-26 से बढ़कर 60964 करोड़ रुपए हो गया था।
शिक्शा मंत्री ने  जोर देकर कहा 
2026-27 में 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट है। अब राष्ट्रीय औसत 14% से अधिक बिहार का शिक्षा बजट है। पहले शिक्षा का क्या हाल था, स्कूल की कमी थी आधारभूत संरचना का अभाव था, शिक्षकों की कमी थी.- 

बिहार की योजना दूसरे देश अपना रहे : 
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ सदस्यों ने वेतन को लेकर आरोप लगाया है तो 5,87,000 शिक्षकों को हर महीने 5 तारीख को वेतन दे दिया जाता है।वेतन देने में कहीं कोई समस्या नहीं है।
 शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार की साइकिल योजना दूसरे देश भी अपना रहे हैं। जांबिया और माले में यह योजना काफी सफल रही है।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य में शिक्षा पर कुल वार्षिक बजट का 20 प्रतिशत खर्च किया जा रहा है।उनका दावा है कि यह देश में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम कर रही है।
मंत्री ने सबसे अधिक जोर TRE-4 पर दिया. उन्होंने बताया कि 45,000 से ज्यादा शिक्षक-शिक्षिकाओं की बहाली के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी गई है. आयोग परीक्षा की तिथि तय करेगा। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के लिए 7,000 से अधिक विशेष शिक्षकों की अधियाचना भी भेजी गई है।
 मंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैसरकार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

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