बिहार मेकी सभी 215 जातियों की जाने आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक हालत
अरुण कुमार पाण्डेय 
जातीय गणना से संबंधित आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रिपोर्ट आई:

बिहार में जातिगत गणना सामान्य वर्ग में भूमिहार सबसे अधिक गरीब, जानें ब्राह्मण,राजपूतों और कायस्थ का हाल :सवर्णों में भूमिहार सबसे गरीब 27.58%,ब्राह्मण 25.32% राजपूत 24.89 और कायस्थ 13.83%

जातिगत आधार पर बिहार में सरकारी नौकरी पाने वालों में कौन सी जाति सबसे उपर और कौन सी जाति सबसे नीचे हैं. 

किस जाति और किस धर्म के कितने लोग सरकारी सेवा में हैं.

बिहार में सामान्य वर्ग के पास 6 लाख 41 हजार 281 लोगों को सरकारी नौकरी है. 
 भूमिहार जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 87 हजार 256 है यह 4.99 फीसदी है. ब्राह्मण जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 72 हजार 259 है। यह 3.60 फीसदी हैं. 
राजपूत जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 71 हजार 933 है। यह 3.81 फीसदी है. कायस्थ जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 52 हजार 490 है । यह उनकी संख्या 6.68 फीसदी है.
सामान्य जाति में ही शेख जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 39 हजार 595 (संख्या में) जबकि 0.79 प्रतिशत है. पठान जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 10 हजार 517 है जो कि 1.07 फीसदी है. सैयद जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 7 हजार 231 जबक उनका प्रतिशत 2.42 है. 

सरकारी नौकरी में शामिल पिछड़ी जातियों की बात करें तो उनका प्रतिशत कुछ यूं है. कुर्मी जाति 3.11 फीसदी, कुशवाहा – 2.04 फीसदी, यादव – 1.55 फीसदी, बनिया – 1.96 फीसदी, दुसाध – 1.44 फीसदी हैं.

 पिछड़ा वर्ग में 33.16 फीसदी परिवार गरीब, अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33.58 फीसदी गरीब परिवार, अनुसूचित जाति में 42.93 फीसदी गरीब परिवार, अनुसूचित जनजाति में 42 .70 फीसदी परिवार वहीं अन्य प्रतिवेदित जातियों में 23.72 फीसदी गरीब हैं.

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बिहार में जातीय जनगणना के दौरान कराए गए आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट आज बिहार विधानसभा में पेश किया जाएगा.जातियों के आधार पर कराए गए आर्थिक रिपोर्ट के मुख्य बिंदु.......

सामान्य वर्ग में 25.09 फीसदी गरीब परिवार 

पिछड़ा वर्ग में 33.16 फीसदी परिवार गरीब 

अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33.58 फीसदी गरीब परिवार 

अनुसूचित जाति में 42.93 फीसदी गरीब परिवार 

अनुसूचित जनजाति में 42 .70

अन्य प्रतिवेदित जातियों में 23.72 फीसदी गरीब
सामान्य वर्ग में सबसे अधिक गरीब भूमिहार समाज गरीब है ....27 .58 फीसदी भूमिहार परिवार गरीब 

ब्रह्मण 25 .3 फीसदी परिवार गरीब 

राजपूत 24.89 फीसदी गरीब परिवार 

कायस्थ 13.83 फीसदी गरीब परिवार 

शेख 25.84 फीसदी गरीब परिवार 

पठान (खान ) 22 .20 परिवार गरीब 

सैयद 17.61 फीसदी गरीब परिवार

कुल मिला करा सामान्य वर्ग में 25.9 फीसदी परिवार गरीब

बिहार में आबादी की शैक्षणिक स्थिति

बिहार की 22.67 आबादी के पास वर्ग 1 से 5 तक की शिक्षा

वर्ग 6 से 8 तक की शिक्षा 14.33 फीसदी आबादी के पास

वर्ग 9 से 10 तक की शिक्षा 14.71 फीसदी आबादी के पास

वर्ग 11 से 12 तक की शिक्षा 9.19 फीसदी आबादी के पास

ग्रेजुएट की शिक्षा 7 फीसदी से ज्यादा आबादी के पास


 आर्थिक रूप से गरीब परिवार पिछड़ा वर्ग

यादव 35 .87 फीसदी परिवार गरीब 

कुशवाहा 34 .32 फीसदी परिवार गरीब 

कुर्मी 29 .90 फीसदी परिवार गरीब 

बनिया 24 .62 फीसदी परिवार गरीब 

सूर्यापुरी मुस्लिम 29.33 फीसदी परिवार गरीब 

सोनार 26 .58 फीसदी परिवार गरीब
 बिहार की जाति आधारित गणना रिपोर्ट के आर्थिक आंकड़े

बिहार में किस वर्ग के पास कितनी आय

सामान्य वर्ग के पास लगभग 25 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 हजार रुपए तक

23 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 से 10 हजार 

19 फीसदी आबादी की मासिक आय 10 हजार से 20 हजार

16 फीसदी आबादी की मासिक आय 20 हजार से 50 हजार

9 फीसदी आबादी की मासिक आय 50 हजार से ज्यादा

पिछड़ा वर्ग में 33 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 हजार तक

पिछड़ा वर्ग में 29 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 से 10 हजार 

पिछड़ा वर्ग में 18 फीसदी आबादी की मासिक आय 10 से 20 हजार 

पिछड़ा वर्ग में 10 फीसदी आबादी की मासिक आय 20 से 50 हजार 

पिछड़ा वर्ग में 4 फीसदी आबादी की मासिक आय 50 हजार से ज्यादा

अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 तक

अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 32 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 से 10 हजार

अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 18 फीसदी आबादी की मासिक आय 10 से 20 हजार

अत्यंत पिछड़ा वर्ग में आई फीसदी आबादी की मासिक आय 20 से 50 हजार

अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 2 फीसदी आबादी की मासिक आय 50 हजार से ज्यादा

अनुसूचित जाति वर्ग में 42 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 तक

अनुसूचित जाति वर्ग में 29 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 से 10 हजार

अनुसूचित जाति वर्ग में 15 फीसदी आबादी की मासिक आय 10 से 20 हजार

अनुसूचित जाति वर्ग में 5 फीसदी आबादी की मासिक आय 20 से 50 हजार

अनुसूचित जाति वर्ग में 1 फीसदी आबादी की मासिक आय 50 हजार से ज्यादा

अनुसूचित जनजाति वर्ग में 42 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 तक

अनुसूचित जनजाति वर्ग में 25 फीसदी आबादी की मासिक आय 6 से 10 हजार

अनुसूचित जनजाति वर्ग में 16 फीसदी आबादी की मासिक आय 10 से 20 हजार

अनुसूचित जनजाति वर्ग में 8 फीसदी आबादी की मासिक आय 20 से 50 हजार

अनुसूचित जनजाति वर्ग में 2.53 फीसदी आबादी की मासिक आय 50 हजार
 बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग जातियों की आर्थिक स्थिति

तेली 29.87 फ़ीसदी परिवार गरीब

मल्लाह 34. 56 फीसदी परिवार गरीब परिवा

कानू 32 .99 फीसदी परिवार गरीब 

धानुक 34.75 फीसदी गरीब परिवार 

नोनिया 35 .88 फीसदी गरीब परिवार 

चंद्रवंशी 34.08 फीसदी परिवार गरीब 

नाई 38 .37 प्रतिशत गरीब परिवार 

बढ़ई 27 .71प्रतिशत गरीब परिवार 

प्रजापति 33.39 प्रतिशत गरीब परिवार 

पाल 33.20 प्रतिशत गरीब परिवार
 गोस्वामी 30 .68 फ़ीसदी गरीब परिवार 

घटवार 44.17 फीसदी परिवार गरीब

ईसाई (अन्य पिछड़ी जाति)15 .79 फोड़ी गरीब 

ईसाई धर्ममलम्बी हरिजन 29 .12 फीसदी परिवार गरीब 

किन्नर 25 .73 फीसदी गरीब

भट्ट 23.68 फीसदी परिवार गरीब 

मालिक मुस्लिम 17.26 फीसदी गरीब
 अनुसूचित जातियों की आर्थिक रुप से गरीब परिवार की स्थिति 


दुसाध 39.36 फीसदी परिवार गरीब 

चमार 42.06 फीसदी परिवार गरीब 

मुसहर 54.56 फीसदी परिवार गरीब 

पासी 38 .24 फीसदी परिवार गरीब 

धोबी 35 .82 फीसदी परिवार गरीब 

डोम 53.10 फीसदी परिवार गरीब 

नट 49 .06 फीसदी परिवार गरीब 

अनुसूचित जाति के कुल 42.93% परिवार गरीब है
 अनुसूचित जनजाति परिवारों की आर्थिक स्थिति

संथाल 52. 09% परिवार गरीब

गोंड 32.45 फ़ीसदी परिवार गरीब

उराव 45 .36 फीसदी परिवार गरीब 

थारू 41.35 फीसदी परिवार गरीब 

कुल 42.70 फीसदी परिवार गरीब
 अत्यंत पिछड़ी जातियों में सरकारी नौकरी की स्थिति

तेली : 53 हजार 56, 1.44 फीसदी

मल्लाह : 14 हजार 100, 0.41 फीसदी

कानू : 34 हजार 404, 1.19 फीसदी

धानुक : 33 हजार 337, 1.19 फीसदी

नोनिया : 14 हजार 226, 0.57 फीसदी

चंद्रवंशी : 31 हजार 200, 1.45 फीसदी

नाई : 28 हजार 756, 1.38 फीसदी

बढ़ई : 20 हजार 279, 1.07 फीसदी

हलवाई : 9 हजार 574, 1.20 फीसदी
 बिहार में सामान्य वर्ग को कितनी सरकारी नौकरी

सामान्य वर्ग के पास 6 लाख 41 हजार 281 व्यक्ति को नौकरी, कुल फीसदी 3.19 

भूमिहार जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 87 हजार 256, 4.99 फीसदी

ब्राह्मण जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 72 हजार 259, 3.60 फीसदी

राजपूत जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 71 हजार 933, 3.81 फीसदी

कायस्थ जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 52 हजार 490, 6.68 फीसदी

शेख जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी  39 हजार 595, .79 फीसदी

पठान जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 10 हजार 517, 1.07 फीसदी

सैयद जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 7 हजार 231, 2.42 फीसदी
 पिछड़ा वर्ग में सरकारी नौकरी की स्थिति

यादव : 2 लाख 89 हजार 538, 1.55 फीसदी

कुशवाहा : 1 लाख 12 हजार 106, 2.04 फीसदी

कुर्मी : 1 लाख 17 हजार 171, 3.11 फीसदी

बनिया : 59 हजार 286, 1.96 फीसदी

सुरजापुरी मुस्लिम : 15 हजार 359, 0.63 फीसदी

भांट : 5 हजार 114, 4.21 फीसदी

मलिक मुस्लिम : 1 हजार 552, 1.39 फीसदी

कुल पिछड़ी जातियों में 6 लाख 21 हजार 481, 1.75 फीसदी
 अनुसूचित जनजाति में सरकारी नौकरी की स्थिति

संथाल : 5 हजार 519, 0.96 फीसदी

गोंड : 8 हजार 401, 1.59 फीसदी

उरांव : 2 हजार 120, 1.06 फीसदी

थारू : 3 हजार 128, 1.63 फीसदी

कुल मिलाकर 30 हजार 164, 1.37 फीसदी
 अनुसूचित जाति में सरकारी नौकरी की स्थिति

दुसाध : 99 हजार 230, 1.44 फीसदी

चमार : 82 हजार 290, 1.20 फीसदी

मुसहर : 10 हजार 615, 0.26 फीसदी

पासी : 25 हजार 754, 2 फीसदी

धोबी : 34 हजार 372, 3.14 फीसदी

डोम : 3 हजार 274, 1.24 फीसदी

कुल 2 लाख 91 हजार 4 लोग, 1.13 फीसदी

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