बिहार राजस्व सेवा के पाँच अधिकारियों का त्यागपत्र किया स्वीकार
[जिलाधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर लिया गया निर्णय, तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल
 
पटना ,10 मार्च। : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में  अधिकारियों-कर्चारियों की जारी हड़ताल के बीच प्रशासनिक निर्णय के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए  उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार राजस्व सेवा के पाँच अधिकारियों के त्यागपत्र को स्वीकार कर लिया है। 
संबंधित जिलाधिकारियों से प्राप्त अनुशंसा पत्रों के आलोक में उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने इन अधिकारियों के त्यागपत्र को उनके द्वारा दिए गए आवेदन की तिथि से प्रभावी मानते हुए स्वीकृति प्रदान की है।
जिन अधिकारियों के त्यागपत्र स्वीकार किए गए हैं, उनमें वैशाली जिले के गोरौल अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी अंशु कुमार का त्यागपत्र 19 दिसंबर 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। वहीं रोहतास जिले के बिक्रमगंज के राजस्व अधिकारी रहे राजन कुमार का त्यागपत्र 26 जून 2025 के प्रभाव से स्वीकृत किया गया है।
इसी प्रकार सारण जिले के परसा की राजस्व अधिकारी रहीं शिवांगी पांडेय का त्यागपत्र 7 मई 2025 से प्रभावी माना गया है। रोहतास जिले के राजपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी अंकिता वर्मा का त्यागपत्र 27 अगस्त 2024 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। इसके अतिरिक्त हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी रहीं स्मृति कुमारी का त्यागपत्र 20 अगस्त 2025 के प्रभाव से स्वीकृत किया गया है।
यह निर्णय जिलाधिकारियों द्वारा भेजी गई अनुशंसाओं और संबंधित प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद लिया गया है। इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

 उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दिसंबर 2027 तक बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य हर हाल में पूरा किया जाएगा। भूमि सर्वेक्षण पूरा होने से राज्य में भूमि अभिलेख पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी हो जाएंगे, जिससे आम लोगों को जमीन से जुड़े विवादों से काफी राहत मिलेगी। सर्वेक्षण के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से ही समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस दौरान हरेक मुद्दे की समीक्षा कर तय समय सीमा में कार्य पूरा कराना उद्देश्य है।




राज्य में चल रहे विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों की प्रगति की 13 मार्च को होगी समीक्षा


उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में होगी बैठक, जिलों की प्रगति और खराब प्रदर्शन का होगा आकलन, सर्वेक्षण की गति को तेज करना है उद्देश्य


पटना : राज्य में चल रहे विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए 13 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना के सभा कक्ष में दोपहर 2:00 बजे आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे।
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारी अपने-अपने जिलों में चल रहे विशेष सर्वेक्षण कार्यों की अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन के साथ उपस्थित रहेंगे।
बैठक में निदेशालय द्वारा 7 जनवरी 2026 को स्वीकृत कार्य-योजना के अनुरूप कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही पिछली बैठक के बाद हुई प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा जिन जिलों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनकी विशेष समीक्षा की जाएगी।
समीक्षा बैठक में प्रथम चरण के 20 जिलों में खानापुरी से लेकर प्रपत्र-20 तक के कार्यों की अद्यतन स्थिति, अंतिम अधिकार अभिलेख के प्रकाशन के विरुद्ध प्रपत्र-21 में प्राप्त दावों और आक्षेपों के निपटारे की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
इसके अलावा द्वितीय चरण के 18 जिलों में त्रिसीमाना निर्धारण, ग्राम सीमा सत्यापन तथा किस्तवार कार्यों की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा। बैठक में ईटीएस मशीनों और आवश्यक मानव बल की उपलब्धता की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि सर्वेक्षण कार्यों को गति मिल सके।
निदेशक ने सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित तिथि को ससमय बैठक में उपस्थित होकर अपने-अपने जिलों की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। इस समीक्षा बैठक में सर्वेक्षण कार्यों की गति तेज करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।






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