विद्यापीठ में विद्यार्थियों ने लगायी विज्ञान-प्रदर्शनी
आज के बच्चों की वैज्ञानिक-प्रतिभा चकित करती है : डा सी एन प्रभु 
पटना, 28 फरवरी। आज के बच्चे हमें शिक्षित कर रहे हैं। विज्ञान के क्षेत्र में छोटे-छोटे विद्यार्थियों की प्रतिभा चकित करती ही। आज के विद्यार्थी बहुत मेधावी हैं। उन्हें सही दिशा में मार्ग-दर्शन किया जा सके तो भारत की ऊन्नति को कोई रोक नहीं सकता।

यह बातें शनिवार को बेऊर स्थित विद्यालय "पाटलिपुत्र विद्यापीठ" में, "विज्ञान-दिवस" पर आयोजित विज्ञान-प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात मुख्य अतिथि के रूप में अपना व्याख्यान देते हुए बिहार मौसम सेवा केंद्र के निदेशक और वैज्ञानिक डा सी एन प्रभु ने कही। उन्होंने प्रदर्शनी में अभिव्यक्त विद्यार्थियों की रचनात्मक-प्रतिभा पर प्रसन्नता व्यक्ति और कहा कि इससे विदित होता है कि इस विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है और विद्यार्थियों का बौद्धिक-विकास भी हो रहा है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना के प्राध्यापक डा रामाकार झा ने एक लघुकथा के माध्यम से पिता और शिक्षकों के महत्त्व को समझाते हुए बताया कि जिनके पिता और शिक्षक गुणी और आदर्श होते हैं, वे बच्चे अपने जीवन के प्रति आश्वस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का नाम-यश उसके माता-पिता के कारण नहीं, बल्कि उनके अपने कार्यों और उपलब्धियों से होता है। 

समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान-परंपरा और विज्ञान का समन्वय होना चाहिए। यही समन्वय भारत की ऊन्नति और मानवीय गुणों के विकास में सहायक होगा, जिससे मानव-जीवन गुणवत्तापूर्ण और कल्याणकारी हो पाएगा। विद्यापीठ की प्राचार्या मेनका झा ने अतिथियों का स्वागत तथा धन्यवाद-ज्ञापन संस्था के सचिव डा आकाश कुमार ने किया। 

प्रदर्शनी में कक्षा-1 से 9 तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने सभी कक्षाओं के श्रेष्ठ तीन प्रदर्शनियों के चुनाव किए, जिन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। कक्षा-1 के लिए आराध्या, अनिरुद्ध और सिद्धार्थ, कक्षा-2 के प्रियांशु, कक्षा -3 की मिताली, शिवधन और श्रेयांश, अभिनव, आश्रय और रवि, कक्षा-4 की शानवी, आयुष और आराध्या, कक्षा-5 के विराट, वैष्णवी और अयांश, कक्षा-6 के उन्नत गुप्ता, ऐश्वर्य, युवराज और आतिश, कक्षा-7 के राशु, आस्था और आनन्द, कक्षा-8 के उत्तर उत्तरायण,संदर्भ, हर्षित और उत्कर्ष तथा कक्षा-9 की अदिति, नेहा और ऋद्धि को को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। स्मरणीय है कि भारत के महान वैज्ञानिक डा सी वी रमण की जयंती को विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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