सम्राट चौधरी होंगे बिहार का नया सीएम,बुधवार को लेंगे शपथ

पटना,14 अप्रैल।सम्राट चौधरी होंगे बिहार का नया सीएम,बुधवार को शपथ लेंगे।
10 बार के सीएम नीतीश कुमार ने मंगलवार को यहां कैबिनेट की आखिरी बैठक के चार घंटे बाद में लोकभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हुसैन को त्यागपत्र सौंप दिया।

सीएम के इस्तीफे के साथ कैबिनेट भंग हो गई और नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया। 18वीं विधानसभा चुनाव में राजग को मिली बड़ी सफलता के बाद 10वीं सीएम बनने के 145 दिनों बाद पदत्याग कर दिया। इस बीच कैबिनेट की 8 बैठकें हुई। पिछली बैठक 22 फरवरी को हुई थी।
आखिरी कैबिनेट बैठक में सत्ता परिवर्तन को लेकर भावुक क्षण था।

मुश्किल से 30 मिनट की बैठक में नीतीश कुमार का संबोधन हुआ। बोले-  2005 में मैं  सरकार में आया… जहां तक मुझसे हो सका, मैंने किया… नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।  उन्होंने राज्यसभा जाने के बाद भी बिहार से जुड़े रहने और नई सरकार को सहयोग और मार्गदर्शन करने का भरोसा दिया।

सीएम नीतीश कुमार ने मुख्य सचिवालय कै कैबिनेट रूम में हुई बैठक के बाद पोर्टिको की सीढ़ियों पर मंत्रियो और अधिकारियों के साथ फोटो सूट कराया।
बिहार में 20 वर्षों से सत्ता में नीतीश युग का अंत होने के साथ पहले से लिखी पटकथा के तहत पहली बार भाजपा के हाथ सत्ता मिलने और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को पहला भाजपाई सीएम बनने का गौरव मिला है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय स्थित अटल सभागार में  राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महामंत्री बी एल संतोष और पर्यवेक्षक के नाते केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को पार्टी का विधानमंडल का नेता चुना गया।

सेंसेंट्र हाल में पांच दलों - भाजपा,जदयू,लोजपा,हम और रालोमो के राजग विधायकों की संयुक्त बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया।  सीएम नीतीश ने सम्राट चौधरी को नेता चुने जाने का प्रस्ताव देने के साथ मखाना का  माला पहनाई। सत्ता परिवर्तन होने का सीएम के चेहरे पर शिकन नहीं दिखा बल्कि प्रसन्न मुद्रा में सम्राट के दोनों कंपे पर हाथरख सहयोग व समर्थन का संदेश दिया और लोगों से तालियां बजा स्वागत करने का इशारा किया।
पहले से तय कार्यक्रम के तहत राजग की ओर राज्यपाल को सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश हुआ। बुधवार को 11 बजे लोकभवन में आयोजित समारोह में सीएम सहित नई मंत्रिमंडल के सदस्यों का शपथग्रहण होगा।

उम्मीद है  निशांत जदयू की ओर डिप्टी सीएम होंगे।
सम्राट ने क्यों मारी बाजी?
कुशवाहा जाति के सम्राट को विरासत में जगह मिली है। पिता शकुनी चौधरी बिहार के मंत्री शकुनी चौधरी और मां भी विधायक रही है। दोनों सदनों के सदस्य रहे सम्राट सबसे कम उम्र में मंत्री बने थे।

राजद, जदयू के बाद भाजपा में आने पर पार्टी ने पुरा भरोसा किया। 8 वर्षो में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, अध्यक्ष, परिषद में विपक्ष के नेता और डिप्टी सीएम का दायित्व सौंपा। कभी लालू या नीतीश कुमार का राजनीतिक विरोध के लिए सम्राट के चेहरा को आगे बढ़ाया प्रदेश की राजनीति में एक धुरी बने लालू-तेजस्वी के मुकाबले नीतीश कुमार के विकल्प के रूप में लव-कुश समीकरण को ध्यान में रखा गया। नीतीश कुमार से मधुर संबंध और  पसंद भी सम्राट को काम आया।

Top