नीतीश पांचवीं बार जदयू के अध्यक्ष बने, निकट भविष्य में सीएम से पदत्याग
पटना,24 मार्च। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  एक बार फिर से पांचवीं बार  जेडीयू की कमान संभाल लली है। उन्हें निर्विरोध रूप से 2003 में स्थापित जेडीयू  का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, नामांकन के लिए सुबह 11 बजे तक का समय तय किया गया था, लेकिन इस दौरान नीतीश कुमार के अलावा किसी और नेता ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। किसी दूसरे उम्मीदवार के सामने न आने के कारण उन्हें सर्वसम्मति से उन्हें जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया।नीतीश कुमार पांचवी बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।16 अप्रैल 2016 शरद को हटाकर वे पहली बार अध्यक्ष वने थे। फिर अक्टूबर 2016 निर्विरोध जीत कर अध्यक्ष बने। 30 अक्टूबर 2019 और  ,29 दिसंबर 2023 फिर अध्यक्ष बने। लोकसभा चुनाव के पहले ललन सिंह के पदत्याग के बाद पार्टी की कमान संभाली।आज फिर पार्टी के निर्विरोध अध्यक्ष बने।
नीतीश कुमार ही पार्टी के सर्वेसर्वा हैं जब चाहा अपनी पसंदीदा को अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्ष बनाया।आरसीपी सिंह को अध्यक्ष बना राजनीतिक धोखा खा गये। प्रशांत किशोर को उपाध्यक्ष बनाया जो आज उनके कट्टर विरोधी बने हैं।
इन दिनों नीतीश अपने इकलौते संतान 50वर्षीश निशांत को राजनीति में लेकर आगे विरासत संभालने के लिए आगे कर रहे हैं राजनीति में परिवारवाद का मुखर विरोधी नीतीश कुमार के सामने काल परिस्थिति ने बेटे को राजनीति में लाने और पहली बार राज्यसभा जाने के लिए बिहार में बड़ा राजनीतिक बदलाव का संकेत दिया है। पहले वे विधान परिषद की सदस्यता छोड़ेंगा फिर 10 अप्रैल से राज्यसभा की सदस्यता शुरु होने के पहले या बाद 15-16 के पहले सीएम से पदत्याग कर नयी सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं ।फिलहाल भाजपा की अगुवाई में नयी सरकार बनना प्राय:तय दिख रहा हो।
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