सम्राट चौधरी मंत्रिपरिषद ने विधानसभा में प्राप्त किया विश्वास मत

 पटना,24 अप्रैल। राज्य के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र की बैठक में में अपनी सरकार के पक्ष में विश्वास मत ध्वनिमत से प्रस्ताव प्राप्त किया।
भाजपा की पहली सरकार के पहले मुख्यमंत्री के रुप में सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को पद की शपथ ली थी। उनके साथ जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और विजेन्‍द्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम बने हैं। विधानसभा की बैठक 11 बजे दिन में शुरू हुई। 
विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार का प्रारंभिक संबोधन हुआ। उसके तुरंत बाद सम्राट चौधरी एक पंक्ति का प्रस्ताव पेश करेंगे। यह सभा वर्तमान राज्य मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करती है। प्रस्ताव पर सदन में विमर्श की शुरुआत विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने किया। चुनाव में 2025 से 30 फिर से नीतीश के वायदे के विपरीत चार महीने बाद ही सत्ता परिवर्तन कर सम्राट चौधरी के सीएम बनने को जनादेश का अपमान हुआ है । उन्होने सम्राट चौथरी की उम्र और शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया। उन्होंने कि वर्तमान मंत्रिपरिषद के तीनों सदस्य अपनी पार्टी के बाहर के हैं।सम्राट राजद की पाठशाला से निकले हैं। राज्य वित्तीय बदहाली में है।खजाना खाली है। उन्होंने विकास यात्रा में सहयोग का भरोसा दिया।महिला आरक्षण में ओबीसी के लिए कोटा के अंदर कोटा की मांग की।
डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने सत्ता परिवर्तन को पीढी का बदलाव कहा।उन्होंने नीतीश की नीति और राह पर ही सम्राट चौधरी सरकार के चलने का भरोसा दिया।
डिप्टी सीएम विजेन्‍द्र प्रसाद यादव ने वित्तीय बदहाली और खजाना खाली होने से इंकार किया।
जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में नीतीश कुमार की पहल की सराहना की।जीविका स्वयं सहायता समूह की उपलब्धि रही है। 
चर्चा में सभी दलों के 13 नेता-विधायकों में भाग लिया।




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