वेतन - पेंशन भुगतान के लिए फैक्टनेब का प्रतिनिधिमंडल उच्च शिक्षा मंत्री से मिला

पटना , 20 मई -  उच्च न्यायालय, पटना के न्यायादेश एवं बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में सभी कोटि के संबद्ध शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं कर्मियों को देय परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान की व्यवस्था समाप्त कर इन्हें नियमित वेतन एवं पेंशन भुगतान हेतु नीतिगत निर्णय लेने, शैक्षणिक सत्र 2015 - 2018 से 2022-25  तक कुल आठ (8) शैक्षणिक सत्रों का बकाया अनुदान एकमुश्त भुगतान करने, लंबित वेतनानुदान की राशि का भुगतान राज्यकर्मियों को समय-समय पर मिलने वाले महंगाई-भत्ते के आलोक में पुनरीक्षित दर से बजटीय उपबंध सुनिश्चित कर एकमुश्त भुगतान का प्रावधान कर शिक्षकों एवं कर्मियों के बैंक खातों में ही भेजे जाने हेतु सॉफ्टवेयर के माध्यम से कराने, 2008 के संकल्प  का अनुपालन करते हुए परीक्षा परिणाम आधारित वास्तविक वेतनानुदान  की राशि स्नातक खण्ड हेतु एक करोड़ पच्चास लाख रुपए और इण्टर खण्ड हेतु पचास लाख रुपए की अधिसीमा-बंधेज को समाप्त करने  की मांग को लेकर आज  बुधवार को बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) का एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री  संजय सिंह टाइगर से मिला।
                फैक्टनेब के मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि फैक्टनेब के सचिव डॉ रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल को उच्च शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया ।  प्रतिनिधिमंडल फैक्टनेब के मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम के साथ सचिव डॉ रविन्द्र कुमार  , प्रो सुशील झा, डॉ पितृ कुमार, डॉ सुमन्त कुमार सिन्हा, शिव ईश्वर सिंह, डॉ हरेन्द्र कुमार सिंह, प्रो शिव कुमार सिंह शामिल थे। 
                फैक्टनेब मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम ने उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने के बाद बताया कि परीक्षा परिणाम आधारित अनुदान राशि के बदले प्रतिमाह वेतन पेंशन भुगतान को लेकर संबद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षाकर्मी लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेंगे।




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