बिहार विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3.47लाख करोड रुपए का बजट पेश।
पटना,03 फरवरी।बिहार विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3.47 लाख करोड रुपए का बजट पेश।
वित्त मंत्री विजेन्‍द्र प्रसाद बजट पेश किया। 7.46 मिनट का बजट भाषण हुआ।वित्त मंत्री ने कहा, "यह बजट ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान पर विशेष ध्यान देते हुए तैयार किया गया है."।यह पिछले वर्ष के 3.17 लाख करोड़ के मुकाबले करीब 30 हजार करोड़ अधिक है। 
वित्त मंत्री विजेन्‍द्र प्रसाद यादव ने 7.46 मिनट के बजट भाषण में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को सात निश्चय-3 के जरिए से विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करना है। सरकार का मुख्य फोकस गरीबी उन्मूलन और समावेशी विकास पर है, जिसके तहत प्रदेश के 94 लाख गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना तैयार की गई है।
वित्त मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 1.56 करोड महिलाओ को रोजगार के  10-10 हजार अनुदान मिले हैं, यह नहीं लौटाने होंगे।
बजट भाषण में कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में वार्षिक स्कीम का बजट अनुमान 122.589 करोड  है जो चालू वर्ष से 5405.42 करोड अधिक है। उन्होने कहा कि वर्ष 2026-27 में वेतन,पेंशन, ब्याज भुगतान और कर्ज अदायगी पर 1,79,327.46  करोड रुपए खर्च अनुमानित है।इसमे वेतन पर 96,128.50 करोड रुपए, पेंशन पर 35,170.48 करोड़ रुपए, ब्याज भुगतान  पर 25,363.87 करोड़ रुपए और कर्ज वापसी पर 22,664.83 करोड़ रुपए खर्च अनुमानित है।
राज्य के अपने कर स्त्रोतों से 65,800 करोड रुपए प्राप्त होने का अनुमान है। केन्द्र से केन्द्रीय करों से 41% की राज्य हिस्सेदारी के फार्मूले का आधार पर  1,58,178.32 करोड रुपए प्राप्ति के साथ 51,895.81 करोड रुपए सहायक अनुदान के रुपए मिलने का अनुमान है।
इस प्रकार बिहार का बजट अठन्नी आमदनी खर्च रुपए के तर्ज पर बना कहा जा सकता है।
नये वर्ष में 61,939.48 करोड रुपए कर्ज उगाही की जानी है। बिहार पर 4 लाख करोड़ का कर्ज बोझ हो चला है।
सरकार ने किसान सम्मान निधि राशि में डेढ़ गुना की बढ़ोतरी की है। अब किसान को 3 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यह राशि पीएम किसान सम्मान की राशि के साथ ही किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
इधर मालूम हो कि चालू वित्तीय वर्ष के 317 लाख करोड़ रुपए के मूल बजट के अतिरिक्त दो अनुपूरक बजट स्वीकृत करा चुकी है। इसी के आधार पर पुनरीक्षित बजट 423284.84 करोड हो गया है। अभी चालू बजट सत्र में भी तीसरा अनुपूरक बजट स्वीकृत होने के आसार हैं ।इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष के साढे चार लाख करोड के पुनरीक्षित बजट की तुलना में नये वित्तीय वर्ष के लिए 347 लाख करोड़ रुपए का अनुमानित बजट अनुमान को वास्तविक अनुमान के अनुरूप नहीं कहा जा सकता है।



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