बिहार पुलिस में सेना से सेवानिवृत चालकों का मानदेय 25 हजार से बढ़ा कर 30 हजार प्रति माह – सम्राट चौधरी

•*AWPO दानापुर से लिए गए सेना से सेवानिवृत चालकों का एक साल सेवा विस्तार*

•*सेवा विस्तार पर कुल अनुमानित व्यय 161.11 करोड़ रुपये*

पटना,23 जनवरी। बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा—राज्य में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली यानी ईआरएसएस के अंतर्गत तैनात ईमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स के चालकों की सेवा अवधि को एक साल के लिए विस्तार दिया गया है। साथ ही उनके मानदेय बढ़ाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
श्री चौधरी ने कहा कि ERSS परियोजना के संचालन के लिए कुल 4426 चालक पद स्वीकृत हैं। इनमें 3418 चालक सिपाही एवं 1009 चालक हवलदार के पद शामिल हैं।
इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है। भर्ती एवं प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी होने में पर्याप्त समय लगने की संभावना है। ऐसे में कार्य को सुचारू बनाए रखने के लिए AWPO दानापुर के माध्यम से लिए गए सेना से सेवानिवृत चालकों के सेवा विस्तार को स्वीकृति प्रदान की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गृह विभाग के पूर्व निर्णय के अनुसार इन सेवानिवृत चालकों की सेवा अवधि मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी, जो अब समाप्त होने वाली है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक वर्ष के अतिरिक्त सेवा विस्तार को मंजूरी दी गई है।
चालकों का पहले 25 हजार रुपये था अब 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, 4,000 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता दी जाएगी। एक वर्ष के सेवा विस्तार पर कुल एक सौ इकसठ करोड़ ग्यारह लाख चौरासी हजार रुपये का खर्च अनुमानित है। 
उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ और मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। हाल के दिनों में पूर्वी चम्पारण में पुलिस अधीक्षक के नए कार्यालय भवन, रोहतास के डिहरी पुलिस केन्द्र में रक्षित कार्यालय एवं शस्त्रागार भवन तथा लखीसराय पुलिस केन्द्र में महिला पुलिस कर्मियों के लिए 200 बेड क्षमता वाले आधुनिक बैरक के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही 112 सेवा में रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं और अब इसी कड़ी में ईमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स के चालकों की सेवा अवधि को एक साल के लिए विस्तार दिया गया है।

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