केन्द्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में भी बनेगा आयोग :- मुख्यमंत्री

जनप्रतिनिधियों की योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं पारदर्शिता के लिए विधायकों एवं विधान परिषद् के सदस्यों हेतु एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाए, ताकि योजनाओं की जानकारी, अनुश्रवण एवं प्रगति का ऑनलाइन प्रबंधन किया जा सके।

विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता हो।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत् निगरानी एवं समन्वित प्रयास सुनिश्चित किया जाय।

राज्य के आकांक्षी जिलों के साथ-साथ अन्य सभी जिलों के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों एवं संभावनाओं के अनुरूप व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए।

प्रत्येक जिले की अपनी बजट योजना तैयार की जाए, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके

पटना 04 जुलाई । मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी एवं भविष्य की कार्ययोजना को लेकर आवश्यक निर्देश दिया।

बैठक में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ० एन० विजयालक्ष्मी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने विभाग की कार्यान्वित योजनायें, पहल, उपलब्धियों एवं भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, पंचायत सरकार भवन का निर्माण तथा कब्रिस्तान घेराबंदी योजना सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास के लिये केन्द्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में भी एक आयोग बनेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोग राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए विजन तैयार करने, विभिन्न क्षेत्रों में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा समय-समय पर नीतिगत सुझाव देने का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का उ‌द्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण नहीं बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन, सतत् मूल्यांकन तथा वास्तविक परिणामों को सुनिश्चित करना होना चाहिये। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं पारदर्शिता के लिए विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों हेतु एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाए ताकि योजनाओं की जानकारी, अनुश्रवण एवं प्रगति का ऑनलाइन प्रबंधन किया जा सके। कब्रिस्तान घेराबंदी योजना के अंतर्गत जो संवेदनशील स्थल हैं, उनकी सूची तैयार कर शीघ्र कार्य पूर्ण कराया जाए तथा इस संबंध में नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें बिहार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाया जाए। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता हो तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत् निगरानी एवं समन्वित प्रयास सुनिश्चित किया जाय। राज्य के आकांक्षी जिलों के साथ-साथ अन्य सभी जिलों के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों एवं संभावनाओं के अनुरूप व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रत्येक प्रखंड के लिए भी दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुखी विकास कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि विकास की प्रक्रिया राज्य के अंतिम पायदान तक समान रूप से पहुंचे तथा क्षेत्रीय असंतुलन को दूर किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले की अपनी बजट योजना तैयार की जाए, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2037 में बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूर्ण करेगा, इस ऐतिहासिक अवसर तक विकसित बिहार की स्पष्ट परिकल्पना एवं दीर्घकालिक विकास दृष्टि तैयार की जानी चाहिए।

बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली एवं सेवाओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं एवं पूर्वानुमान प्रतिदिन सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षों, मुखियाओं, जिला पदाधिकारियों, उप विकास आयुक्तों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैसेज एवं व्हाट्सएप सहित उपयुक्त डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए प्रभावी सूचना प्रसारण व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि मौसम संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें।

बैठक में योजना एवं विकास मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ० एन० विजयालक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री कंवल तनुज, वित्त (व्यय) विभाग की सचिव श्रीमती रचना पाटिल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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