राजस्व मंत्री ने सख्ती दिखांई.बोले- व्यवस्था में अनुशासन सर्वोपरि, स्थानांतरित अधिकारी तत्काल करें योगदान

जुलाई का वेतन नए पदस्थापन स्थल से ही होगा देय


पटना.09 जुलाई। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के  मंत्री डा. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि राज्य में राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए स्थानांतरित एवं पदस्थापित अधिकारियों का समय पर योगदान सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय आदेशों का पालन हर अधिकारी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

 मंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों का स्थानांतरण एवं पदस्थापन किया जा चुका है, उन्हें बिना किसी विलंब के अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना चाहिए, ताकि आम जनता को राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

उन्होंने बताया कि विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ अधिकारियों ने अब तक नए पद पर योगदान नहीं दिया है। ऐसे मामलों में विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल विरमित किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो 9 जुलाई 2026 (पूर्वाह्न) से वे स्वतः विरमित माने जाएंगे तथा जुलाई 2026 का वेतन भी नए पदस्थापन स्थल से ही देय होगा।

 मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राजस्व प्रशासन पूरी क्षमता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। इसलिए विभागीय आदेशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे तत्काल अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देकर जनता के हित में कार्य करें।

अनुशासनहीनता पर मंत्री का कड़ा रुख, बेलछी के तत्कालीन अंचल अधिकारी पर कार्रवाई 
अबतक कुल 63 कर्मियों पर गिर चुकी है कार्रवाई की गाज 
जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 

अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश

 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के  मंत्री डा. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और सरकारी नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए पटना जिले के बेलछी के तत्कालीन अंचल अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है तथा सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनियमितता को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 मंत्री ने बताया कि बेलछी के तत्कालीन अंचल अधिकारी श्री पियूष मिश्रा के विरुद्ध विभिन्न गंभीर आरोपों के आधार पर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। आरोपों में वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना, सरकारी कार्यों के निष्पादन में लापरवाही, वित्तीय अनियमितता तथा सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं।

अधिकारियों को जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करने का निर्देश :

 मंत्री ने कहा कि राजस्व प्रशासन सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही या अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करें, पारदर्शिता बनाए रखें तथा जनता को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

एक महीने में 63 कर्मियों पर गिरी कार्रवाई की गाज :

 मंत्री ने बताया कि पिछले महज एक महीने में अबतक 63 राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभिन्न मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इससे पहले भी भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों में कई अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी आगे भी जारी :

 मंत्री ने दोहराया कि विभाग में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है तथा इस लक्ष्य में बाधा बनने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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