200 करोड रुपए की लागत से पटना सहित पांच टेक्नोलॉजी सेंटरम का उद्घाटन
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मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित प्रौद्योगिकी केंद्र, बिहटा (पटना) तथा चार एक्सटेंशन सेंटर- मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा एवं मुंगेर का किया उद्घाटन

नव स्थापित प्रौद्योगिकी केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को डिप्लोमा एवं डिग्री दी जाएगी, जिससे न सिर्फ उन्हें बेहतर रोजगार का अवसर प्राप्त होगा बल्कि रोजगार सृजन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

बिहार एक ऐसा प्रदेश है जहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई के 1 साल का शुल्क मात्र 10 रुपया तथा डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों से शुल्क के रूप में मात्र 5 रुपया लिया जाता है।

मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में बिहटा के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च सेंटर स्थापित करने हेतु 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

भारत की अर्थव्यवस्था में 14 करोड़ बिहारवासी जी०एस०टी० के माध्यम से अपना योगदान दे रहे हैं। हमारा प्रयास है कि अगले 20 नवंबर तक सरकार के 1 साल पूरा होने तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाया जा सके।

सहयोग कार्यक्रम के तहत प्रत्येक माह में 2 दिन ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर कैंप लगाकर लोगों की समस्याओं का ऑन द स्पॉट निपटारा किया जाएगा।

बिहार की जन आकांक्षाओं तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के विकसित बिहार के सपने को हर हाल में पूरा करूंगा।

पटना, 28 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नवनिर्मित प्रौद्योगिकी केंद्र, बिहटा (पटना) तथा चार एक्सटेंशन सेंटर- मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा एवं मुंगेर का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने नेशनल एस०सी० एस०टी० हब के तहत उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। प्रौद्योगिकी केंद्र बिहटा, पटना परिसर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इस दौरान केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी, अन्य जनप्रतिनिधियों, नेताओं तथा उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंटकर कर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केन्द्रीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय श्री जीतन राम मांझी द्वारा संयुक्त रूप से बिहटा (पटना) में प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया गया। साथ ही मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा एवं मुंगेर में विकसित इसके एक्सटेंशन सेंटर का भी शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) हब के अंतर्गत स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया गया, जो वंचित वर्गों के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकी केंद्र बिहटा परिसर में नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ट्रेनिंग वर्कशॉप में लगाए गए अत्याधुनिक मशीनों तथा अन्य उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभकिया। उद्घाटन समारोह को लेकर बने मंच पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर सचिव डॉ० रजनीश ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के समक्ष सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा एम०एस०एम०ई० सेक्टर में किए जा रहे विकास कार्यों तथा बिहार में नव स्थापित प्रौद्योगिकी केंद्रों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, पी०एम०ई०जी०पी० योजना, एस०सी० एस०टी० हब योजना तथा ग्राम उद्योग विकास योजना के लाभार्थियों को चेक/टूलकिट/प्रमाण पत्र प्रदान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन काफी ऐतिहासिक है। संयुक्त बिहार में टाटा, बोकारो जैसे कई बड़े उद्योग स्थापित थे लेकिन वर्ष 2000 में बिहार से झारखंड अलग होने के बाद यहां नाम मात्र के उद्योग रह गए। बिहार में वर्ष 2005 में एन०डी०ए० की सरकार बनी तब से हमलोगों ने बिहार को आगे बढ़ाना शुरू किया। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में पिछले 2 दशक में बिहार के हर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए गए। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश को विकसित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। हमलोग बिहार को समृद्ध बनाने के लिए हर स्तर पर कार्य कर रहे हैं। बिहटा, पटना में 15 एकड़ जमीन पर प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित हुआ है, जिसका उद्घाटन करने का मुझे अवसर मिला है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और मुंगेर में भी प्रौद्योगिकी केंद्र के एक्सटेंशन सेंटर का आज उ‌द्घाटन किया गया है। मुझे इस उद्घाटन समारोह में शामिल होकर काफी खुशी हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पहले काफी विकसित और समृद्ध हुआ करता था। बीच के काल-खंड में बिहार का विकास थम गया था। वर्ष 2005 के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के कार्यकाल में बिहार को आगे बढ़ाने का काम शुरू किया गया। जबकि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के विकास की गति को रफ्तार मिलना शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि बिहार की वर्तमान आबादी करीब 14 करोड़ है। प्रदेश में नव स्थापित प्रौद्योगिकी केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को डिप्लोमा एवं डिग्री दी जाएगी, जिससे न सिर्फ उन्हें बेहतर रोजगार का अवसर प्राप्त होगा बल्कि रोजगार सृजन का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इसका लाभ लाखों बच्चों को मिलेगा और बच्चे कौशल युक्त होंगे। इस प्रौद्योगिकी केंद्रों में 3 थीम पर प्रशिक्षण दी जाएगी। इनमें उत्पाद की गुणवत्ता, उसकी पैकेजिंग एवं राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की कैसे बेहतर ढंग से मार्केटिंग हो सके, इसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार एक ऐसा प्रदेश है जहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई के 1 साल का शुल्क मात्र 10 रुपये है तथा डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों से शुल्क के रूप में 1 साल के लिए मात्र 5 रुपये लिया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कराई है। बिहार के हर अनुमंडल में आई०टी०आई०, पॉलिटेक्निक संस्थान तथा सभी जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना कराई गई है। अब तो सभी जिले में मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैं। गयाजी में जल्द ही प्रौद्योगिकी सेंटर के लिए जमीन चिन्हित कर उपलब्ध करायी जाएगी। हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि बिहार में 10 और टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान करें ताकि बिहार के अधिक से अधिक नौजवान कौशलयुक्त हो सकें। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी से भी मिलकर आग्रह करेंगे। हमने अपने मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में ही बिहटा के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई०आई०टी०) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए०आई०) रिसर्च सेंटर स्थापित करने हेतु 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके स्थापित होने से दुनिया भर से लोग बिहार आयेंगे, जिससे बिहार की समृद्धि बढ़ेगी। जब बिहार विकसित होगा तब ही देश आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से ही बिहार बाढ़ और सुखाड़ का दंश झेलता रहा है। बिहार-झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर इंद्रपुरी जलाशय समझौता किया गया है ताकि विवाद खत्म हो। इस समझौते के तहत झारखंड के गढ़वा जिले में 35 वर्षों के लंबित कदवन जलाशय (इंद्रपुरी जलाशय परियोजना-2) का निर्माण शुरू होगा। जिससे बिहार के 8 जिलों में सिंचाई क्षमता दोगुनी हो जाएगी। बिहार में स्मॉल स्केल इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति में और बेहतरी आएगी। यहां बताया गया कि 1 करोड़ 86 लाख लोग सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर से जुड़े हैं, जिसकी मार्केटिंग 1 लाख करोड़ रुपये तक का है। जब तक जी०एस०टी० नहीं था, लोग बिहार की तरफ नहीं देखते थे। लोगों को लगता था कि बिहार की जनसंख्या ज्यादा होने से वहां गरीबी है। भारत की अर्थव्यवस्था में 14 करोड़ बिहारवासी जी०एस०टी० के माध्यम से अपना योगदान दे रहे हैं। हमारा प्रयास है कि अगले 20 नवंबर को सरकार के 1 साल पूरा होने तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाया जा सके। बिहार में जब बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित होंगे तब रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बिहार में समृद्धि आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई माह से बिहार के प्रत्येक ब्लॉक में डिग्री कॉलेज खोला जायेगा। प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल की स्थापना की जाएगी ताकि बच्चों को पढाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के तहत प्रत्येक माह में 2 दिन ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर कैंप लगाकर लोगों की समस्याओं का ऑन द स्पॉट निपटारा किया जाएगा। मैं आश्वस्त करता हूं कि बिहार की जन आकांक्षाओं तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के विकसित बिहार के सपने को हर हाल में पूरा करूंगा। इसके लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। 1 करोड़ लोगों को रोजगार एवं नौकरी से जोड़ना सरकार का संकल्प है। इसके लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है।

समारोह को केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अपर सचिव सह विकास आयुक्त डॉ० रजनीश ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी, विधायक श्रीमती ज्योति देवी, विधायक श्रीमती दीपा कुमारी, विधायक श्री रोमित कुमार सिंह, विधान पार्षद श्री नवल किशोर यादव, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल कुमार सिंह, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विशेष शाखा के पुलिस महानिदेशक श्री कुंदन कृष्णन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अपर सचिव डॉ० रजनीश, उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि, गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री संजय कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी एवं आमजन उपस्थित थे।

*रफ्तार पकड़ता बिहार: पटना में टेक्नोलॉजी सेंटर का हुआ भव्य उद्घाटन*

  -*यह टेक्नोलॉजी सेंटर ‘मेक इन बिहार’ के विजन को आगे ले जाएगा: माननीय मुख्यमंत्री*

पटना,28 अप्रैल। 
बिहटा(पटना ) में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य के औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को नई गति देने की दिशा में अहम पहल की गई। इस अवसर पर बिहार के  मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी और केन्द्रीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय श्री जीतन राम मांझी द्वारा संयुक्त रूप से बिहटा (पटना) में प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया गया। साथ ही मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा एवं मुंगेर में विकसित इसके एक्सटेंशन सेंटर का भी शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) हब के अंतर्गत स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया गया, जो वंचित वर्गों के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है और यह प्रौद्योगिकी केंद्र उस परिवर्तन का सशक्त प्रतीक है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को बेहतर कौशल, आधुनिक संसाधन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे रोजगार के अवसरों को न केवल प्राप्त करें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजक भी बनें। ‘मेक इन बिहार’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह सेंटर निवेश, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। बिहटा का यह प्रौद्योगिकी केंद्र अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस है। इससे इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ बिहार की पारंपरिक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी एवं बड़ी संख्या में राज्य के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आज का दिन बिहार के औद्योगिक विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है। बिहटा में स्थापित यह प्रौद्योगिकी केंद्र और इसके विस्तार केंद्र न केवल आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को सशक्त बनाकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य भी करेंगे। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

कार्यक्रम के दौरान पीएम विश्वकर्मा योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थियों को टूलकिट वितरण किया गया, पीएमईजीपी योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण तथा SC/ST हब योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरण किया गया, जिससे जमीनी स्तर पर स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों में श्री नवल किशोर यादव (सदस्य विधान परिषद्), श्रीमती दीपक कुमारी (विधायक, इमामगंज), श्री रोमित कुमार सिंह (विधायक, अत्तरी) एवं श्री ललन मांझी (विधायक, कुटुंबा) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इनसे साथ मंच पर मुख्य सचिव, बिहार श्री प्रत्यय अमृत; उद्योग विभाग सचिव श्री कुंदन कुमार; अपर सचिव एवं विकास आयुक्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. रजनीश; सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय श्री कुमार रवि तथा पुलिस महानिदेशक (ऑपरेशन), बिहार श्री कुंदन कृष्णन की गरिमामयी उपस्थिति रही।

उद्योग विभाग, बिहार सरकार इस प्रकार की पहलों के माध्यम से राज्य में औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, निवेश को आकर्षित करने और व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह आयोजन बिहार के विकसित, आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त भविष्य की दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम के रूप में उभर कर सामने आया।

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