बिहार की भाजपा सरकार की विकास और सुरक्षा  सर्वोच्च प्राथमिकता
पटना,30 अप्रैल।बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को पदभार संभालने के बाद गुरुवार को सभी डीएम और एसपी के साथ यहां पहली बैठक की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिवेशन भवन में आयोजित बैठक में राज्य की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ की और विकास और सुरक्षा की अपनी मंशा  साझा की


मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
 भाजपा की पहली सरकार के सीएम ने नवम्बर तक 5 लाख रुपए का निजी निवेश कर नौकरी-रोजगार देने की ठानी है। बैठक मुख्य रूप से औद्योगिक विस्तार, गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और सरकारी सेवाओं को जनता तक सुगम बनाने जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित रही।


बिहार के नये सीएम ने आमजनों को संवेदनशील प्रशासन का एहसास दिलाने की मंशा रख थाना,ब्लाक और अंचल प्रशासन के कामकाज की सतत निगरानी सीएमओ (मुख्य मंत्री कार्यालय) से करने की व्यवस्था की है।
 मुख्यमंत्री ने बिहार के औद्योगिक विकास के लिए "इंडस्ट्री हब" की योजना पर जोर दिया। 

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में उद्योगों के लिए जमीन और संसाधन चिन्हित करें। 
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में निवेश करने वाले कारोबारियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा मिलना चाहिए। निवेशकों की मदद के लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।


कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीएम ने बेहतर पुलिसिंग के लिए पुलिस अधीक्षकों को डायल 112 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रतिक्रिया समय (Response Time) को कम किया जाए ताकि संकट के समय जनता को तुरंत मदद मिल सके। अपराध नियंत्रण के लिए तकनीकी निगरानी और गश्त बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।


सम्राट चौधरी ने बड़े जोर देकर जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि  अपने-अपने जिलों में उद्योगों के लिए जमीन और संसाधन चिन्हित करें। बिहार में निवेश करने वाले कारोबारियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में महिला सुरक्षा, विशेषकर बच्चियों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाने को कहा है। 

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करनी होगी। अनुसंधान को समय पर पूरा कर स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाई जाए। महिला थानों और हेल्पडेस्क को और अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाया जाएगा।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नेजनता और सरकार के बीच की दूरी कम करने के लिए  एक बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू किया है। उन्होंने सभी डीएम, एसपी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रोज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। 

इस समय अवधि के दौरान अधिकारी आम लोगों से मिलेंगे और उनकी शिकायतों व समस्याओं का तत्काल निपटारा करेंगे। उन्होंने पंचायत स्तर पर जनता से संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया।

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