नवादा में दिल्ली सेंट्रल स्कूल का 21वां वार्षिकोत्सव बना यादगार
बंटी पाण्डेय की रिपोर्ट 
नवादा शहर के कोनिया आनंद नगर में स्थित दिल्ली सेंट्रल स्कूल का 21वां वार्षिकोत्सव उत्साह पूर्वक मनाया गया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 22 मार्च 2026 को विद्यालय में मनाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनीता मेहता, समाज सेवी ए के गुरु विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रेम सिन्हा, प्रिंसिपल अर्चना सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
मुख्य अतिथि विधायक विनीता मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि अच्छी शिक्षा मिलने से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है । सही शिक्षा मिलने से ही विकसित समाज और अच्छे समाज की परिकल्पना की जा सकती है ।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रेम कुमार सिन्हा की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे शिक्षा को संवारने का काम कर रहे हैं । यह विद्यालय दो दशक से अधिक शिक्षा देने का काम कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने का भी काम विद्यालय के परिवार द्वारा किया जा रहा है। शिक्षा ही एक ऐसा धन है। सभी धन में प्रधान धन है। शिक्षा के बिना मनुष्य नर पशु के समान होते हैं । शिक्षा से ही आप अपनी मंजिल और लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं । अच्छी शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना ही बहुत जरूरी है। सही और अच्छी शिक्षा से ही समाज का चौमुखी विकास हो सकता है। विद्यालय के परिवार की ओर से शिक्षा को स॔वारने का काम किया जा रहा है जो बहुत ही सराहनीय है । इसलिए विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल को बधाई के पात्र हैं।
 वही विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रेम कुमार सिन्हा ने अतिथि- अभिभावकों को संबोधित करते हुए विद्यालय के बारे में शुरुआत से लेकर अभी तक 21 वर्षों का विस्तृत जानकारी दी। इस विद्यालय ने नवादा जिला ही नहीं बल्कि राज्य स्तर में अपनी एक पहचान बना ली है। सीबीएसई में 100% रिजल्ट लाकर विद्यालय का नाम हमेशा रोशन होता है। इस विद्यालय के कई होनहार बच्चे पढ़ लिखकर इंजीनियर, डॉक्टर,अफसर एवं प्राइवेट सेक्टर में भी काम कर रहे हैं। कई खेलों में भी विद्यालय के बच्चे का परफॉर्मेंस काफी ही अच्छा रहा है। कम लागत में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराना विद्यालय की पहली प्राथमिकता है। इस विद्यालय के सभी अनुभवी शिक्षकों द्वारा विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई करवाई जाती है । आज इसी के वजह से विद्यालय के बच्चों का मंजिल एवं लक्ष्य की प्राप्ति हो रही है। 
प्रिंसिपल अर्चना सिन्हा ने संबोधन में हुए कहा कि इस विद्यालय के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार का भी पाठ पढ़ाया जाता है। शिक्षा से ही अच्छे संस्कार का निर्माण किया जाता है । इस विद्यालय के बच्चों को खेलकूद के माध्यम से भी सरल तरीके से शिक्षा दी जाती है। बच्चे आसान तरीके से सीख सकें और आने वाले कंपटीशन और परीक्षा में सरल तरीके से उत्तर देकर अपना लक्ष्य को पा सकते है । सही- मायने में कहा जाए कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। 
वही विद्यालय के नन्हे बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का जलवा प्रस्तुत किया गया । सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम तक विद्यालय के बच्चों द्वारा एक से बढ़कर 63 प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपना जलवा बिखरे। अतिथियों एवं अभिभावक को मन मोह लिया । सैकड़ों बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में चार चांद लगाने का काम किया। खूब बजी तालियां। लोगों ने खूब आनंद उठाया ।
वहीं बच्चों को विद्यालय में फर्स्ट, सेकंड व थर्ड लाने वालों को मेडल एवं चेक देखकर सम्मानित किया गया । वैसे विद्यार्थी जो मेहनती और मेधावी हैं और अपने क्लास में फर्स्ट लाए हैं, आर्थिक रूप से कमजोर है, वैसे बच्चों को आर्थिक सहयोग के द्वारा विद्यालय के प्रबंध निदेशक ने चेक देकर प्रोत्साहित किया। वही मेधावी छात्रों को चेहरे पर मुस्कान देखा गया । 
विद्यालय की ओर से कई समाजसेवी, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार व लोगों को भी सम्मानित किया गया।
 इस मौके पर रामचंद्र कुमार सोनी, विद्यालय के सभी परिवार इस कार्यक्रम बेहतर कार्यक्रम बनाने को लेकर अहम भूमिका निभायी। यह कार्यक्रम काफी सराहनीय एवं चर्चा का विषय बन गया।

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