महिला आरक्षण को लेकर  सियासी जंग तेज,एनडीए ने मोर्चा खोला
विपक्ष ने अपनी राजनीति के चक्कर में बिल को पास होने नहीं दिया। आधी आबादी इसका बदला जरूर लेगी।

इधर कांग्रेस ने रविवार को पीएम मोदी का नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस ने लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की।
पटना,19 अप्रैल। पिछले चार दशक से महिला आरक्षण को लेकर जारी सियासी जंग और तेज हो चला है ।लोकसभा में विल का विरोध के साथ इसे पास नहीं होने से खुश विपक्षी दलों के खिलाफ भाजपा ने देशव्यापी राजनीतिक अभियान छेड़ दिया है । 2029 के लोकसभा 50% सीटे बढाने की चुनाव से महिलाओं के कलि 33% सीटे आरक्षित करने और नया परिसीमन से 50% सीटें बढने की उम्मीदों पर पानी फिरने को भाजपा ने विरोधी दलों के खिलाफ मुद्दा बना महिलाओं द्रारा  संगठित विरोध की रणनीति बनाई है।
विहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को भाजपा के प्रदश कार्यालय में एनडीए की महिला नेताओ के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की।
 लोकसभा में शुक्रवार को यह बिल 298 के मुकाबले 230 वोटों से गिर गया। इस बिल को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन सत्ता पक्ष इसे हासिल नहीं कर पाया। 543 सदस्यीय लोकसभा में फिलहाल भाजपा की 31 सहित 75 महिला सांसद शामिल हैं। कांग्रेस की 14,टीएमसी की 11 और सपा की 5 महिला सांसद हैं।तमिलनाडु की द्रमुक पार्टी की 3 महिला सांसद हैं। जदयू और लोजपा की 2-2 महिला सांसद सदन में मौजूद हैं। अन्य के हिस्से में 7 महिला सांसद आती हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भरोसा दे रही थी, खुद गृहमंत्री अमित शाह भी भरोसा दे रहे थे कि इस बिल के जरिए 543 की जगह 816 सांसद और फिर 850 करने का प्रस्ताव है। अगर यह बिल पास हो जाता तो देश के 816 सांसदों में से 272 महिलाएं होतीं और बिहार में 122 महिलाएं विधायक होतीं । बिहार विधानसभा में सिर्फ 29 महिला एमएलए हैं. अगर यह बिल पास हो जाता तो कम से कम 122 MLA होतीं। लेकिन विपक्ष ने अपनी राजनीति के चक्कर में बिल को पास होने नहीं दिया। आधी आबादी इसका बदला जरूर लेगी।
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेडीयू विधायक और पूर्व मंत्री लेसी सिंह, हम पार्टी विधायक ज्योति मांझी, बीजेपी विधायक संगीता कुमारी और विधान पार्षद अनामिका पटेल भी मौजूद रहीं। लेसी सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में पहली घटना थी, जब कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे लोग खुशी मना रहे थे। पहले लालू यादव भी महिला बिल को फड़वाते थे।
वहीं, अनामिका पटेल ने कहा," राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी सांसद बन सकती हैं। समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव चुनाव जीत सकती हैं लेकिन वे लोग नहीं चाहते हैं कि आम घरों की महिलाएं चुनाव जीतकर विधायक और सांसद बनें।"

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