डिजिटल मोड में काम कर रहा राजस्व विभाग, जिलों में तकनीकी टीम बनाकर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें अधिकारी : डॉ. दिलीप जायसवाल

हर जिले में बनेगा स्पेशल सेल, दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन आवेदनों की अनावश्यक रिवर्टिंग की होगी जांच

पटना,12 जून। : राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि राजस्व विभाग अब पूरी तरह डिजिटल मोड में कार्य कर रहा है। ऐसे में जिलों के अधिकारी तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर समय सीमा के भीतर सभी राजस्व सेवाओं का निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में एक तकनीकी टीम गठित की जाए, जो विभागीय कार्यों की निगरानी करेगी तथा मुख्यालय की आईटी टीम के साथ लगातार संपर्क में रहकर तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगी।
राजस्व कार्यों की जिलावार समीक्षा के 13वें और अंतिम दिन माननीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अररिया, लखीसराय एवं जमुई जिलों के राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी ऑनलाइन सेवाओं, न्यायालयीन मामलों तथा राजस्व महाअभियान से संबंधित कार्यों की प्रगति का आकलन किया।
समीक्षा के दौरान डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग की अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित हो रही हैं। इसलिए तकनीकी दक्षता और डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी टीमों के माध्यम से दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, ऑनलाइन आवेदन एवं अन्य डिजिटल सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
मंत्री ने कहा कि विभिन्न राजस्व न्यायालयों द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों और आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग प्रत्येक जिले में वहां के वरीय अधिकारी के नेतृत्व में एक स्पेशल सेल गठित करने की योजना बना रहा है। यह सेल न्यायालयीन मामलों की समीक्षा करेगा तथा निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करेगा, जिससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जा सके।
समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री ने दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन मामलों में बड़ी संख्या में आवेदनों को रिवर्ट किए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अनेक मामलों में वास्तविक कारण स्पष्ट किए बिना आवेदन वापस किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में असंतोष की भावना उत्पन्न हो रही है और उन्हें बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
डॉ. जायसवाल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की सैंपल जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आवेदनों को केवल वैध एवं स्पष्ट कारणों के आधार पर ही रिवर्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट शीघ्र मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
समीक्षा बैठक में म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन रिपोर्ट, राजस्व महाअभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों, फॉर्मर रजिस्ट्रेशन तथा आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से लंबित न्यायालयीन मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
माननीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिदिन प्राप्त होने वाले नए आवेदनों से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लंबित मामलों में लगातार कमी लाई जा सके और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों की नियमित निगरानी मुख्यालय स्तर से की जा रही है तथा समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के सचिव श्री जय सिंह एवं सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी ने प्रस्तुतीकरण के आधार पर जिलों के अधिकारियों से संवाद किया तथा कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव श्री प्रशांत सीएच, विशेष सचिव श्रीमती इनायत खान, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज सहित विभाग के वरीय एवं कनीय अधिकारी उपस्थित थे।

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