भारत-नेपाल सीमा पर गैर कानूनी एवं आर्थिक अपराध से संबंधित गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखें: मुख्यमंत्री

सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाय। आर्थिक अपराधों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतें।

सभी लोग समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बचे हुये कार्यों को तेजी से पूर्ण करें।

उर्वरक एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये जिला प्रशासन, पुलिस एवं सीमा सुरक्षा बल के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित की जाय।

सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित कर ऐसे व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन किया जाय, जिनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुयी हो।

किशनगंज जिले में ऐसे 100 उपयुक्त स्थलों की पहचान की जाय जहां उर्दू विद्यालय की स्थापना की जा सके।

पटना 03 जुलाई । मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुयी। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बॉर्डर एरिया के 7 जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े हुये थे।

बैठक में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन एवं भारत-नेपाल संबंधित मुद्दों पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। किशनगंज, मधुबनी एवं पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्व में दिये गये निर्देश के आलोक में की गयी कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी, साथ ही अपने-अपने सुझाव भी साझा किये। एस०एस०बी०, आई०बी०, ई०डी०, एन०सी०बी०, कस्टम्स, इनकम टैक्स के अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव एवं विभाग से संबंधित की गयी कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। बैठक में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, सीमा प्रबंधन, अतिक्रमण, साइबर अपराध, नागरिकता संबंधी मामले, लंबित कार्यों तथा आधारभूत संरचना विकास पर विस्तृत चर्चा की गयी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों को लेकर सभी अधिकारी एवं एजेंसियां अच्छे ढंग से कार्य कर रही हैं। आज की बैठक में अब तक की गयी कार्रवाई एवं विभिन्न गतिविधियों के संबंध में जानकारी

दी गयी है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री जी के स्तर पर, मेरे स्तर पर, मुख्य सचिव तथा डी०जी०पी० के स्तर पर भी इसको लेकर नियमित बैठकें की जाती रही हैं। बैठकों में जो निर्णय लिये गये हैं उससे संबंधित कई कार्यों को पूर्ण किया गया है। सभी लोग समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ बचे हुये कार्यों को तेजी से पूर्ण करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है। इस सीमा पर बिहार के 7 जिले, 70 पुलिस थाना एवं एस०एस०बी० के 194 बी०ओ०पी० अवस्थित हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर कोई भी गैर कानूनी एवं अनैतिक कार्य न हो, इसे सभी सुनिश्चित करें। सभी थाना प्रभारी अच्छे ढंग से काम करें, कोई गड़बड़ी न हो, इसका ध्यान रखें। भारत-नेपाल संबंध को बेहतर बनाये रखते हुये सीमा क्षेत्र में सभी गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखें। सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाय। आर्थिक अपराधों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशनगंज जिले में ऐसे 100 उपयुक्त स्थलों की पहचान की जाय जहां उर्दू विद्यालय की स्थापना की जा सके। उर्वरक एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये जिला प्रशासन, पुलिस एवं सीमा सुरक्षा बल के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित की जाय। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित कर ऐसे व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन किया जाय, जिनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुयी हो, ऐसे मामलों की पूरी जानकारी संकलित कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाय।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ० एन० विजयलक्ष्मी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, गृह विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री जय सिंह, पुलिस महानिदेशक, अभियान श्री कुंदन कृष्णन, गृह विभाग के विशेष सचिव श्री क्षत्रनील सिंह, अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारीगण एवं संबंधित एजेंसियों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, बॉर्डर एरिया के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े हुये थे।

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