कालेजों की पढ़ाई में सुधार के लिए शिक्षकों के पेशेवर प्रशिक्षण का कार्यक्रम
पटना.12 अगस्त। कालेजों की पढ़ाई में सुधार के लिए शिक्षकों के पेशेवर प्रशिक्षण का कार्यक्रम होगा ।राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार प्रो. बीके त्रिपाठी द्वारा चार दिवसीय कार्ययोजना तैयार की गयी है।विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और उनके निरंतर पेशेवर विकास के लिए बिहार लोक भवन द्वारा एक व्यापक योजना तैयार की गई है।
राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की क्षमता, शिक्षण कौशल और अकादमिक दक्षता को लगातार बेहतर बनाना है।
 उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना को बिहार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र (एमएमटीटीसी) के माध्यम से लागू किया जाएगा। ये दोनों केन्द्र पटना विश्वविद्यालय तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में स्थापित हैं।
पूरी योजना को चार स्तरों में लागू किया जाएगा और इसकी निगरानी बिहार लोक भवन की संचालन समिति करेगी। दोनों एमएमटीटीसी सभी विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यक्रम को विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालय स्तर तक संचालित करेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा नोडल पदाधिकारी और सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किए जा चुके हैं। इसी तरह संबद्ध महाविद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए प्राचार्यों द्वारा समन्वयक और सहायक समन्वयक नियुक्त किए गए हैं।
योजना के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में हर वर्ष छह दिवसीय एफडीपी आयोजित किया जाएगा। इसमें कुल 36 घंटे की अकादमिक गतिविधियाँ होंगी। प्रशिक्षण के विषय यूजीसी द्वारा स्वीकृत मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुरूप होंगे।



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