पूरे बिहार के संबद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षाकर्मियों ने  अपने अपने महाविद्यालय में काला बिल्ला लगाकर किया धरना प्रदर्शन

 पटना , 22 अगस्त । पूरे बिहार के संबद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षाकर्मियों ने अपने अपने महाविद्यालय में काला बिल्ला लगाकर  धरना प्रदर्शन किया । राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने संबंधी प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को रद्द करने,पटना उच्च न्यायालय का न्यायादेश एवं बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में वेतन - पेंशन भुगतान करने, शैक्षणिक सत्र 2015-18 से 2022-25 कुल आठ वर्षों का परीक्षा परिणाम आधारित वेतन मद बकाया अनुदान राशि को बढ़े हुए मंहगाई दर से अधिसीमा बंधेज समाप्त कर शिक्षाकर्मियों के बैंक खाते में एकमुश्त भुगतान करने, शासी निकाय सदस्य हेतु विश्वविद्यालय प्रतिनिधि का मनोनयन एवं शिक्षक प्रतिनिधि की चुनाव प्रक्रिया ससमय पुरा करने , समयबद्ध तरीके से सभी विश्वविद्यालयों में सिनेट सदस्य का चुनाव कराने, उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन पारिश्रमिक एवं भत्ते एक समान करने आदि 9 सूत्री मांगों को लेकर संबद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षाकर्मियों ने आज शनिवार अपने अपने महाविद्यालय में काला बिल्ला लगाकर धरना प्रदर्शन yकिया।
          
                   बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब ) के अध्यक्ष डॉ शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा महासचिव प्रो राजीव रंजन एवं मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम ने बताया कि महासंघ को प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के दस परंपरागत विश्वविद्यालयों के अन्तर्गत 190 से अधिक संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों से काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया एवं कालेज परिसर में धरना दिया। फैक्टनेब नेताओं ने बताया कि आन्दोलन की अगली कड़ी में 2 सितम्बर को राज्य एवं विश्वविद्यालय स्तरीय सवालों को लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जायेगा। 
                       
               फैक्टनेब के मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम ने आन्दोलनकारी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को साधुवाद देते हुए कहा कि उपरोक्त मांगों को लेकर 2 सितम्बर के पश्चात् मुख्यमंत्री के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया जायेगा । इस बीच विश्वविद्यालय स्तर से जिला मुख्यालयों में सेमिनार, सम्मेलन एवं गोष्ठी का आयोजन जारी है ।






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