बिहार में 23 IAS अफसरों का तबादला, कंई डीडीसी और एसडींओ बदले

पटना.23 अगस्त। राज्य सरकार ने शनिवार देर रात एक और बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 23 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया है. इसके तहत कई जिलों के डीडीसी और एसडीओ बदल गए हैं. कई नगर निकायों के नगर आयुक्त भी बदले गए हैं. सामान्य प्रशासन विभाग ने सूची जारी की है.

इस फेरबदल में भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्रेया श्री को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्हें खगड़िया का उप विकास आयुक्त बनाया गया है. वहीं बाढ़ की एसडीओ गरिमा लोहिया को दरभंगा नगर निगम का आयुक्त नियुक्त किया गया है. महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण फील्ड पोस्टिंग मिली है.

दानापुर के SDO अनिरुद्ध पाण्डेय को पूर्णिया नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है. पूर्णिया के SDO तुषार कुमार को मधुबनी का डीडीसी नियुक्त किया गया है. कटिहार के SDO प्रद्युम्न सिंह यादव को उद्योग विभाग में खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय का निदेशक बनाया गया है.

मुजफ्फरपुर पश्चिम की SDO आकांक्षा आनंद को सासाराम का डीडीसी बनाया गया है. पूर्वी चंपारण अरेराज की SDO अंजली शर्मा को समाज कल्याण विभाग में निदेशक का पद मिला है. नवगछिया के SDO रोहित कर्दम को कैमूर का डीडीसी बनाया गया.

आरा सदर की SDO शिप्रा विजय कुमार चौधरी अब जमुई की डीडीसी होंगी. सासाराम की SDO नेहा कुमारी को कटिहार का उप विकास आयुक्त बनाया गया है. भागलपुर के SDO कृष्णचंद्र गुप्ता को मद्यनिषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग का महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है.

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी से प्रशिक्षण पूरा हो चुका है. वहां से लौटे युवा अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी गई है. इसके तहत विरुपाक्ष विक्रम सिंह को दानापुर का SDO बनाया गया है. प्रिया रानी को सासाराम का SDO पद मिला है.

कृष्णा जोशी को बाढ़ का SDO बनाया गया है. प्रेम कुमार को हवेली खड़गपुर का SDO नियुक्त किया गया है. सैयद आदिल मोहसिन को मढ़ौरा और अजय यादव को बलिया बेगूसराय का SDO बनाया गया है. युवा अफसरों को फील्ड का अनुभव देने का प्रयास है.

सुरज कुमार को कटिहार का SDO और विग्नेश टीए को पूर्णिया का SDO बनाया गया है. जतिन कुमार को शेरघाटी गया का SDO पद मिला है. के परीक्षित को नवगछिया, महेश कुमार को तारापुर और कशिश बख्शी को पटना सिटी का SDO बनाया गया है.

वहीं लखीसराय के अशोक धाम में सावन की तीसरी सोमवारी को भगदड़ मची थी. इस दुर्घटना में कई लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद प्रशासनिक इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे. अब अंतिम सोमवारी को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चाहती है.



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