बिहार के 220 संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों के चिरलंबित समस्याओं के 2 सितम्बर को राज्य के सभी परंपरागत विश्वविद्यालयों के मुख्यालय पर एवं 9 सितम्बर से मुख्यमंत्री के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगे

 पटना , 25 अगस्त - बिहार के 220 संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों के चिरलंबित समस्याओं के 2 सितम्बर को राज्य के सभी परंपरागत विश्वविद्यालयों के मुख्यालय पर एवं 9 सितम्बर से मुख्यमंत्री के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगे।
राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने संबंधी प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को रद्द करने,पटना उच्च न्यायालय का न्यायादेश एवं बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में नियमित वेतन - पेंशन भुगतान करने, शैक्षणिक सत्र 2015-18 से 2022-25 कुल आठ वर्षों का परीक्षा परिणाम आधारित वेतन मद बकाया अनुदान राशि को बढ़े हुए मंहगाई दर से अधिसीमा बंधेज समाप्त कर शिक्षाकर्मियों के बैंक खाते में एकमुश्त भुगतान करने, शासी निकाय सदस्य हेतु विश्वविद्यालय प्रतिनिधि का मनोनयन एवं शिक्षक प्रतिनिधि की चुनाव प्रक्रिया ससमय पुरा करने , समयबद्ध तरीके से सभी विश्वविद्यालयों में सिनेट सदस्य का चुनाव कराने, उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन पारिश्रमिक एवं भत्ते एक समान करने आदि 9 सूत्री मांगों को लेकर संबद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी 2 सितम्बर को राज्य के सभी परंपरागत विश्वविद्यालयों के मुख्यालय पर एवं 9 सितम्बर से मुख्यमंत्री के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगे ।
          
                   बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब ) के अध्यक्ष डॉ शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा महासचिव प्रो राजीव रंजन एवं मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार को अपनी हठधर्मिता त्याग कर राज्य की उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बिहार के 220 संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों के चिरलंबित समस्याओं के निदानार्थ यथाशीघ्र सार्थक निर्णय लेना चाहिए।

                           फैक्टनेब नेताओं ने बताया कि राजधानी, प्रमंडल, जिला व प्रखंड मुख्यालयों से लेकर सुदूर देहाती इलाकों में लगभग 1500 एकड़ से अधिक जमीन पर अवस्थित संबद्ध डिग्री महाविद्यालय योग्य शिक्षक, विशाल भवन, सुसज्जित पुस्तकालय व प्रयोगशाला, खेल सामग्री व मैदान से परिपूर्ण है । जिसमें लगभग 10,00,000 (दस लाख)शिक्षार्थी पठन पाठन करते हैं ।
                       फैक्टनेब नेताओं ने बिहार सरकार को सलाह देते हुए कहा कि संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों को परीक्षा परिणाम आधारित अनुदान राशि के बदले नियमित वेतन पेंशन भुगतान करने में बिहार सरकार के खजाने पर कोई विशेष आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा, सिर्फ इच्छा शक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता है।

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