राज्य निर्वाचन आयोग में सरकार से मांगी पंचायत स्तर पर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग की जनसंख्या की जानकारी
अरुण कुमार पाण्डेय 
पटना 11 अगस्त ।राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार सरकार से पंचायतों के परिसीमन के लिए पंचायत स्तर पर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग की जनसंख्या की जानकारी मांगी है।
 बिहार में नीतीश सरकार ने 2022-23 में जातीय गणना कराई थी।
सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायत निकायों का परिसीमन के बाद ही चुनाव कराने का निर्णय लिया है। 2011 की जनगणना में पंचायत स्तर पर पिछडड़े वर्ग की जनसंख्या उपलब्ध नहीं है। सरकार का निर्णय है कि एक से अधिक गांव को शामिल कर घोषित पंचायत क्षेत्र में पंचायत का मुख्यालय  अधिक जनसंख्या वाले गांव में होगा। परंतु
 किसी राज्य में आजादी के बाद पहली बार जातीय गणना कराई गई थी। इस पर सरकार ने 500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किया था।
2 अक्टूबर 2023 को सरकार ने बिहार जाति गणना की रिपोर्ट जारी की थी । उसके पहले जातीय गणना को लेकर काफी विवाद हुआ था । मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गया। हाई कोर्ट में 13 मामले दर्ज किए गए थे । कुछ महीनो के लिए गणना रोक दी गई थी। बाद में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रोक हटा दी और गणना पर भी रोक नहीं लगाई ।तब सुप्रीम कोर्ट में पांच एलपीए दायर किया गया लेकिन वहां भी जातीय गणना पर स्थगन आदेश नहीं मिला। परिणाम स्वरूप जातीय गणना का कार्य पूरा किया गया ।
रिपोर्ट के अनुसार में कुल 2,76,68,930 परिवारों द्वारा स्वच्छा एवं स्वघोषणा के आधार पर दिए गए आंकड़े में बिहार वासियों की कुल संख्या 13,07,25,310 पाई गई। इनमें से द्वितीय चरण की गणना अवधि में 53,72,022 व्यक्तियों के बिहार से बाहर रहने की सूचना प्राप्त हुई। इसी प्रकार बिहार की सीमा में रहने वालों की संख्या 12,53,53,288 पायी गई। 
 गणना की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में कुल जातियों की संख्या 215
कुल सर्वेक्षित व्यक्तियों की संख्या 13,07, 25,310, पुरुष 6,41,31,992, महिला 6,11, 38,460, ट्रांसजेंडर 82,836 लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुष पर 953 महिला, साक्षरता की दर 79.70%, हिंदू 82%, इस्लाम 17.71% इसाई , 0.056% ,सिख0.011% बौद्ध .08% ,जैन .0096%0हैं।
रिपोर्ट के अनुसार पिछड़े वर्ग 27.13% अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36.01% अनुसूचित जाति, 19.65%0अनुसूचित जन जाति 1.68% ,सामान्य वर्ग 15.52% हैं।
कोटि बार जाति की विवरणी इस प्रकार है- ब्राह्मण 3.65%, भूमिहार 2.87%, राजपूत 3.45%, कायस्थ 0.60% ,शेख 3.82 % ,पठान 0.75%, सैयद 0.22% कुल 15.38% 
यादव 14.27% ,कुशवाहा 4.21% ,कुर्मी 2.88%, बनिया 2.32%, सुरजापुरी मुस्लिम 1.87% सोनार .68% 
इस तरह से कुल जाति 215 हैं। अनुसूचित जाति में 22 जाति है इसमें कुल आबादी 19.65%, इसमें सर्वाधिक दुसाध 5.31%, चमार 5.25%, मुसहर 3.09% पान 1.70% पासी .99% धोबी 0.84% की आबादी है , जनजाति में कल 32 जाति है जिसमें सबों की आबादी एक परसेंट से भी कम ।कुल आबादी 21,99,361 है जो 1.68%ह।। 


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