बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक में वन्यजीव संरक्षण, ईको टूरिज्म और हरित विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों की हुई समीक्षा

2600 मेगावाट क्षमता वाली दुर्गावती पंप भंडारण परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाय :- मुख्यमंत्री

पर्यटन परियोजनाओं को पी०पी०पी० मॉडल पर विकसित करने, रोहतास एवं दुर्गावती क्षेत्र में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा ग्रीन एनर्जी के संभावित निवेश को प्रोत्साहित करने का निर्देश।
वन्यजीव एवं प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म के विस्तार के लिये सरकार प्रतिबद्ध ।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए०एस०आई०) एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर विश्व के सबसे ऊंचे एवं महत्त्वपूर्ण बौद्ध स्तूपों में से एक केसरिया स्तूप के संरक्षण, विकास एवं पर्यटन की दृष्टि से समग्र संवर्द्धन के लिए संयुक्त रूप से कार्य करें।

पटना 26 जुलाई । आज लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी  की अध्यक्षता में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक में वन्यजीव संरक्षण, ईको टूरिज्म और हरित विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर ने बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। राज्य में वन्यजीव संरक्षण, प्रकृति आधारित पर्यटन (ईको टूरिज्म) के विस्तार तथा पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ ईको टूरिज्म को बढ़ावा देकर रोजगार, निवेश और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने सभी प्रस्तावों के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को पी०पी०पी० मॉडल पर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। पर्यटन स्थलों पर व्यावसायिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित ढंग से विकसित किया जाए, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं के विकास, होटल-रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, ट्रैकिंग एवं एडवेंचर्स टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ सभी प्रस्तावों के समयबद्ध क्रियान्वित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं को पी०पी०पी० मॉडल पर विकसित करें। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाए। रोहतास एवं दुर्गावती क्षेत्र में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा ग्रीन एनर्जी के संभावित निवेश को प्रोत्साहित करने रोहतास क्षेत्र में ईको टूरिज्म के व्यापक विकास की कार्ययोजना तैयार की जाए। बांध के आसपास के क्षेत्रों का समुचित विकास करते हुए होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाय। पर्यटन स्थलों एवं पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग, भ्रमण, साहसिक गतिविधियों एवं पर्यटक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास योजना तैयार की जाए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए०एस०आई०) एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विरासत एवं प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को गति दी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध राज्य है। इन धरोहरों का संरक्षण करते हुए उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा बिहार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान स्थापित करेगा।
बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ० रामचन्द्र प्रसाद, विधायक श्रीमती शालिनी मिश्रा, विधायक श्री वीरेन्द्र सिंह, विधायक श्री बाबू लाल शौर्य, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव श्री संदीप कुमार आर० पुडुकलकट्टी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरविंदर सिंह, निदेशक मत्स्य पालन श्री तुषार सिंगला, निदेशक पशुपालन श्री उज्ज्वल कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री नंदकिशोर सहित संबद्ध विभागों के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद के सदस्य जुड़े हुये थे।

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