विशेष सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा बैठक मं मंत्री हुंए नाराज.जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों को चिन्हित कर लापरवाही के लिए कड़ी कार्रवाई का दिया निर्देश


सर्वे कार्य सबसे महत्वपूर्ण, इसे पूरा करने के लिए सरकार पूरी तरह वचनबद्ध : डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल

पांच जिलों के अधिकारियों के साथ विशेष सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा बैठक

रिकॉर्ड तत्काल अपलोड करने और दस्तावेजों के सुरक्षित रख-रखाव के निर्देश

पटना.10अगस्त। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के  मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने कार्यालय कक्ष में सोमवार को पांच जिलों में चल रहे विशेष सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जहानाबाद, लखीसराय, शिवहर, अरवल एवं शेखपुरा जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों के साथ सर्वेक्षण कार्य के प्रगति की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

 मंत्री ने कहा कि विशेष सर्वेक्षण का कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और सरकार इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। सर्वेक्षण कार्य पूरा होने से भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता आएगी और जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि थानों में बड़ी संख्या में मामले भूमि विवाद से जुड़े होते हैं। ऐसे में विशेष सर्वेक्षण का सफल एवं समयबद्ध निष्पादन राज्य में भूमि विवादों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

बैठक के दौरान भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत ने प्रजेंटेंशन के माध्यम से सर्वे कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य के साथ-साथ गैप एनालिसिस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सर्वेक्षण कार्यों में आ रही कमियों एवं चुनौतियों की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि गैप एनालिसिस के आधार पर सर्वेक्षण कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।

समीक्षा के दौरान कुछ मौजों के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आने पर  मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों को चिन्हित कर लापरवाही के लिए कड़ी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से जुड़े अभिलेख अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि लेवल-7 के अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया जाए, जो सर्वेक्षण कार्य पूर्ण होने तक संबंधित दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने, उनके सुरक्षित रख-रखाव तथा अभिलेखों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सभी जिलों में सर्वेक्षण से संबंधित रिकॉर्ड को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया।

माननीय मंत्री ने कहा कि दस दिनों के बाद पुनः सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राज्य के सभी एएसओ (Assistant Settlement Officers) एवं संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जुड़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली समीक्षा से पहले अपने-अपने जिलों में सर्वेक्षण कार्य की प्रगति को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करें।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि सर्वे का कार्य बिहार की तरक्की का नया प्रक्रम है। यह केवल जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने का कार्य नहीं, बल्कि भविष्य में भूमि विवादों को कम करने और बेहतर राजस्व प्रशासन की मजबूत नींव तैयार करने का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में विशेष सर्वेक्षण कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया।

इस दौरान भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत, सहायक निदेशक श्री सुबोध कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, सहायक बंदोबस्त अधिकारी श्रीमती पल्लवी, राजस्व अधिकारी श्रीमती अनुजा सिन्हा, राजस्व अधिकारी ऐमन फातिमा समेत सर्वे से जुड़े सभी पांचों जिलों के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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