बिहार कैबिनेट का फैसला: दोपहिया और तीन पहिया वाहन खरीदना मंहगा होगा

पटना,15 जुलाई। बिहार सरकारने परिवहन विभाग का राजस्व संग्रह बढाने के लिंए कैबिनेट से बड़ा फैसला लिया है। इससे अब दोपहिया और तीन पहिया वाहन खरीदना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। वित्तीय संकट से निजात पाने के उपायों के तहत सरकार ने मोटर वाहन कर की दरों में संशोधन करने का फैसला लिया है। इससे चालू वित्तीय वर्ष में परिवहन विभाग के लिंए 5000 करोड़ रुपयै राजस्व संग्रह का लक्ष्य बढ़ जायेगा।
 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 30 एजेंडों मे मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 के तहत वाहनों पर लगने वाले कर में संशोधन की मंजूरी भी शामिल है। बिहार विधानमंडल का 20-24 जुलाई को होने वाले सत्र में संशोधन विधेयक पास करा कर बढ़ा मोटर वाहन कर लागू होगा। इसका असर नए वाहन खरीदने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, दोपहिया वाहनों पर वर्तमान एकमुश्त मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वहीं एकमुश्त कर देने वाले तीनपहिया वाहनों पर 1,000 रुपये अतिरिक्त मोटर वाहन कर देना होगा। इसके अलावा व्यापार (ट्रेड) कर की मौजूदा दर को चार गुना तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद बाइक, स्कूटी, ई-स्कूटर, ऑटो और अन्य तीन पहिया वाहन खरीदने वाले लोगों को पहले से अधिक टैक्स चुकाना होगा।


राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 के तहत वाहनों के निबंधन के समय मोटर वाहन कर वसूला जाता है. सरकार समय-समय पर इस कर में संशोधन करती रही है, लेकिन लंबे समय से इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था. परिवहन विभाग का कहना है कि बदलती आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई और परिवहन क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कर का पुनर्निर्धारण आवश्यक हो गया था

Top