तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

राज्य के तकनीकी संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।

विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए विचारों और शोध कार्यों को प्रोत्साहित कर बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये योजनाबद्ध ढंग से काम करें।

अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों की उपलब्धियों पर आधारित उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो तैयार कर संस्थानों की विशिष्टताओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाए ताकि अधिकाधिक छात्र तकनीकी शिक्षा के प्रति आकर्षित हों।

पटना 23 जून । मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव श्री हिमांशु शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य के अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, नामांकन, प्लेसमेंट, आधारभूत संरचना, अनुसंधान तथा विभाग की आगामी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में चरणबद्ध रूप से "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों एवं उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित विज्ञान केंद्रों एवं साइंस पार्कों के साथ तकनीकी संस्थानों का समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार के प्रति प्रेरित करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किये जायें। अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों की उपलब्धियों, अवसंरचना, प्रयोगशालाओं, प्लेसमेंट तथा छात्र-छात्राओं की सफलता पर आधारित उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो तैयार कर संस्थानों की विशिष्टताओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाए ताकि अधिकाधिक छात्र तकनीकी शिक्षा के प्रति आकर्षित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक संस्थान में विद्यार्थियों को रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए नियमित रूप से कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं विशेषज्ञ व्याख्यानों का आयोजन किया जाए। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तथा उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने और विद्यार्थियों को अधिक से अधिक औद्योगिक अनुभव उपलब्ध हो, इसके लिये कार्य किया जाय।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के तकनीकी संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए विचारों और शोध कार्यों को प्रोत्साहित कर बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये योजनाबद्ध ढंग से काम करें। सभी अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, उपकरणों के नियमित उन्नयन तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो, साथ ही संस्थानों की वेबसाइट एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म को अद्यतन रखने तथा विद्यार्थियों को सभी आवश्यक जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में तकनीकी शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्द्धन के लिए समर्पित प्रशिक्षण एवं ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की संभावनाओं पर भी कार्य करें। तकनीकी शिक्षा को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमलोग चाहते हैं कि बिहार के बच्चे बिहार में ही पढ़ें और नौकरी एवं रोजगार प्राप्त करें।

बैठक में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव श्री हिमांशु शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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