केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले- सींएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में प्रदेश  में बहुत अच्छा काम हो रहा है. इनकी दृढ़ इच्छाशक्ति से आनेवाले समय में बिहार समृद्ध बनेगा, विकसित बनेगा. बिहार के विकास में केंद्र सरकार पूरा सहयोग देगी

बिल्ड एंड बिलीव की भावना से बिहार में निवेश के लिए आगे आएं इन्वेस्टर, सरकार देगी हरसंभव सहयोग :मुख्यमंत्री

बिहार में बने उत्पाद मानक के अनुरूप होने पर सरकारी खरीद में दी जायेगी प्राथमिकता, 25 प्रतिशत उत्पाद खरीदेगी सरकार, बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार करेगी काम।

पहली बार राज्य सरकार ने गाद नीति तैयार की है। नदियों से निकाली जाने वाली गाद और मिट्टी का उपयोग सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों में करने से लागत में कमी आयेगी।

केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बिहार में सड़क एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को और मिलेगी गति।

पटना, 01 अक्टूबर ।  केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज यहां  कहा कि मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में बहुत अच्छा काम हो रहा है। इनकी दृढ़ इच्छाशक्ति से आनेवाले समय में बिहार समृद्ध बनेगा, विकसित बनेगा। बिहार के विकास में केंद्र सरकार पूरा सहयोग देगी।मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी, उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह और पथ निर्माण मंत्री श्री कुमार शैलेंद्र ने संयुक्त रूप से ताज सिटी सेंटर, पटना में राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट- 2026 का उद्घाटन किया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार निवेश के लिए तैयार है। राज्य में उद्योगों के लिए सड़क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से बिहार में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्व प्रसिद्ध ज्ञान केंद्र, मगध और पाटलिपुत्र की गौरवशाली विरासत तथा भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और गुरु गोविंद सिंह जी से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर बिहार की पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार केवल सांस्कृतिक विरासत का केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान और आर्थिक विकास की ऐतिहासिक भूमि भी रही है। बिहार की बड़ी आबादी को कमजोरी की बजाए आर्थिक शक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। 14 करोड़ की आबादी वाला बिहार देश के लिए बड़ा बाजार है। सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश और
रोजगार के अवसर बढ़ाना है, ताकि बिहार के लोगों को मजदूरी के लिये लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता आवश्यक है। राज्य में सड़क नेटवर्क का विस्तार किया गया है और राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेस-वे के विकास पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली की उपलब्धता और खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन और आपूर्ति क्षमता को और बढ़ाने का लक्ष्य है।
उन्होंने बिहार की बाढ़ और जल प्रबंधन की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि नेपाल और पड़ोसी राज्यों से आने वाले पानी के कारण बिहार को हर वर्ष बाढ़ की चुनौती का सामना करना पड़ता है। गंगा, कोसी और गंडक सहित प्रमुख नदियों के जल प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता है। कोसी नदी क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर, टाउनशिप और विकास की अन्य गतिविधियों की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है। जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से उद्योग, कृषि और पर्यटन तीनों क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण बिहार के कई क्षेत्रों में सूखे की समस्या रहती है। राज्य सरकार गंगा के पानी को जरूरत के समय पेयजल और सिंचाई के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य सरकार ने गाद नीति तैयार की है। नदियों से निकाली जाने वाली गाद और मिट्टी का उपयोग सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों में करने की व्यवस्था की जा रही है। इससे निर्माण कार्यों की लागत कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने तथा बिजली सब्सिडी के बोझ को कम करने के लिए कृषि फीडरों को सोलराइज करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि बिहार में स्थापित होने वाले उद्योगों के उत्पाद मानक के अनुरूप होने पर सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जायेगी। 25 प्रतिशत उत्पाद बिहार सरकार खरीदेगी। इसके साथ ही बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार काम करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की खरीद नीति को उद्योगों के लिए और अधिक उपयोगी बनाने के लिए उसमें संशोधन किया जा रहा है। राज्य में होटल, पर्यटन और ईको टूरिज्म के क्षेत्र में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। पटना और गया सहित विभिन्न स्थानों पर होटल एवं अन्य पर्यटन परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार में मात्र 8000 कि०मी० सड़कों का नेटवर्क था जबकि आज लगभग 1.5 लाख कि०मी० हो गया है। अब ग्रामीण सड़कों की स्थिति पहले से बहुत बेहतर हो गयी है। बिजली के क्षेत्र में भी पहले राज्य काफी पिछड़ा हुआ था। पहले बिजली की उपलब्धता 2005 में मात्र 500 मेगावाट थी वहीं अब यह बढ़कर 10 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट करने का है। बिजली की उपलब्धता और वितरण क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोप-वे और जल परिवहन जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पटना से गंगा नदी के ऊपर होते हुए सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे परियोजना शुरू करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए सरकार आधारभूत संरचना, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। निवेशक बिहार की क्षमता और संभावनाओं पर भरोसा करते हुए राज्य में निवेश करें।
उन्होंने कहा कि बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले वर्षों में ऐसे लोगों को राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जो रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के बिहार आगमन और निवेशक सम्मेलन में शामिल होने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बिहार में सड़क एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और बिहार के विकास में भागीदारी का आह्वान किया।



कार्यक्रम के दौरान मोमेंटो भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी, उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, पथ निर्माण मंत्री श्री कुमार शैलेंद्र, उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, वित्त विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री अनिमेष पराशर, उद्योग विभाग के निदेशक श्री मुकुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए हुए इन्वेस्टर उपस्थित थे।

Top