प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन एवं निरंतर जनसेवा के लिये बिहार मंत्रिपरिषद ने दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ

> मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की

मुख्य बिंदु :-

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर, 2026 को सरकार के प्रमुख के रूप में जनसेवा और प्रशासनिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण किए।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 55 लाख तथा शहरी क्षेत्रों में लगभग 1.98 लाख आवासों का निर्माण पूरा हुआ। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत बिहार के 8.57 करोड़ से अधिक जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रूपये की प्रारंभिक सहायता राशि अंतरित की गई।

बिहार में चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, रेल, हवाई संपर्क, ऊर्जा, उद्योग, पर्यटन एवं तकनीकी विकास के क्षेत्रों में केंद्र सरकार के सहयोग से अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य हुआ है।

प्रधानमंत्री ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिये 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया।

मंत्रिपरिषद ने केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से बिहार को निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार एवं सुशासन का प्रमुख केंद्र बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

पटना, 12 अक्टूबर l मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बिहार मंत्रिपरिषद द्वारा पारित प्रस्तावों एवं पिछले 12 वर्षों में बिहार के विकास में केंद्र सरकार के योगदान से संबंधित विषयों की जानकारी दी।

बिहार मंत्रिपरिषद द्वारा सर्वसम्मति से 3 प्रस्ताव पारित किये गये, जिसमें 1. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को सरकार के प्रमुख के रूप में जनसेवा के निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर बिहार मंत्रिपरिषद एवं बिहार की समस्त जनता की ओर से हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएँ। 2. पिछले 12 वर्षों में बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में दिए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार के प्रति हार्दिक
आभार एवं कृतज्ञता। 3. केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से बिहार को विकसित भारत@ 2047 के निर्माण में अग्रणी भागीदार बनाने तथा राज्य को निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार एवं सुशासन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए सभी संभव प्रयास करने का संकल्प। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने विस्तृत जानकारी देते हुये कहा कि बिहार मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में जनसेवा एवं प्रशासनिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएँ व्यक्त की हैं। 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शासन एवं जनसेवा की यात्रा का एक नया अध्याय प्रारंभ किया था। इसके बाद 26 मई, 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उनका सार्वजनिक जीवन जनभागीदारी, लोकतांत्रिक विश्वास और निरंतर जनसेवा का उदाहरण प्रस्तुत करता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्षों तक सेवा करना एक असाधारण उपलब्धि है। 7 अक्टूबर हमें यह स्मरण कराता है कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी शक्ति है और जनसेवा की यात्रा निरंतर संवाद, जवाबदेही और राष्ट्रहित के संकल्प से आगे बढ़ती है। 25 वर्षों की यह यात्रा पद से आगे सेवा भाव और निःस्वार्थ कर्म की अनवरत यात्रा है। पद बदला, दायित्व बढ़ा, परिस्थितियां बदलती रहीं लेकिन राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम की कसौटी पर कर्मयोग निरंतर चलता रहा। गरीब कल्याण, वंचितों का उत्थान, किसानों का सशक्तिकरण, नारी शक्ति का सम्मान, युवाओं के लिये अवसर, राष्ट्रीय सुरक्षा और विश्व के साथ भारत के संबंध, हर क्षेत्र में नई सोच और नई कार्य संस्कृति देखने को मिली है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, वंचितों के उत्थान, किसानों के सशक्तीकरण, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसरों के विस्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा आधारभूत संरचना के विकास जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और सौभाग्य योजना जैसी पहलों ने आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंत्रिपरिषद ने पिछले 12 वर्षों में बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं से राज्य में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तीकरण, सड़क, रेल, हवाई संपर्क, ऊर्जा, उद्योग और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति मिली है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 55 लाख तथा शहरी क्षेत्रों में लगभग 1.98 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से राज्य के 8.57 करोड़ से अधिक जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन पहलों से गरीब एवं वंचित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायता मिली है। प्रधानमंत्री ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछडे लोगों के लिये 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। दरभंगा एम्स की आधारशिला रखी गई है। लगभग 1,264 करोड़ रूपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में 750 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा 125 एम०बी०बी०एस० सीटों की परिकल्पना की गई है। बिहार में चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 2013-14 के 13 से बढ़कर 2026-27 तक 32 हो गई है तथा एम०बी०बी०एस० सीटों की संख्या बढ़कर 4,835 हो गई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य में 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। महिला सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रूपये की प्रारंभिक सहायता राशि अंतरित की गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत, बैंक ऋण, स्वरोजगार एवं छोटे उद्यमों से जुड़ने के अवसर प्राप्त हुए हैं। बिहार में 50 लाख से अधिक महिलायें लखपति दीदी बन चुकी हैं। कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि विविधीकरण, सिंचाई, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मखाना, शाही लीची, जर्दालु आम, कतरनी चावल और मगही पान जैसे विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी पहल की गई है।

बिहार में सड़क एवं राजमार्ग, रेलवे, हवाई संपर्क तथा शहरी आधारभूत संरचना के विकास को गति मिली है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई वर्ष 2014 के लगभग 4,615 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 6,500 किलोमीटर हो गई है। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, पटना-सासाराम कॉरिडोर तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे के क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का रेल बजट आवंटन लगभग 10,379 करोड़ रूपये है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 98 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है। दरभंगा एवं पूर्णिया से नियमित हवाई सेवाओं का संचालन शुरू हुआ है। इसके अतिरिक्त राज्य में हवाई अड्डों के विकास एवं उन्नयन से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नए औद्योगिक पार्कों तथा आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में पहल की गई है। इन प्रयासों से विनिर्माण, एम०एस०एम०ई०, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, हस्तशिल्प एवं अन्य क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावनाएँ हैं।

मंत्रिपरिषद ने संकल्प व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका प्रयास के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर बिहार सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर राज्य के विकास को नई गति देगी। बिहार को केवल विकसित राज्य बनाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उसे विकसित भारत की विकासगाथा का अग्रणी भागीदार बनाना भी उद्देश्य है। इसके लिए राज्य को निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार एवं सुशासन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

बिहार मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके कुशल नेतृत्व में भारत समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ता रहेगा और बिहार इस यात्रा में सशक्त भागीदार बनेगा।

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