राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी एवं समन्वय पर डॉ. प्रेम कुमार ने की समीक्षा बैठक
पटना.15 अक्टूबर।
बिहार विधान सभा के  अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों—अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना; इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना; पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) तथा नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एनएमसीएच) के प्रमुखों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। अस्पतालों में बिस्तरों, गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू), आपातकालीन वार्ड, पैथोलॉजी, एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। साथ ही, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं राज्य सरकार की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने तथा गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क अथवा रियायती दर पर उपचार उपलब्ध कराने पर विचार-विमर्श किया गया।

गंभीर मरीजों की त्वरित जाँच एवं उपचार, शल्य चिकित्सा के लिए प्रतीक्षा अवधि कम करने, हृदयाघात, मस्तिष्काघात एवं सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा एम्बुलेंस सेवाओं को प्रभावी बनाने के विषय पर भी चर्चा हुई।

बैठक में माननीय विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। गंभीर मरीजों के मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा संबंधित चिकित्सा संस्थानों में नोडल पदाधिकारी नामित करने के विषय पर चर्चा हुई। अस्पताल प्रमुखों ने बताया कि उनके संस्थानों में नोडल पदाधिकारी नामित कर दिए गए हैं तथा संबंधित पदाधिकारियों का विवरण बिहार विधान सभा सचिवालय को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बिहार विधान सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को उपचार के दौरान प्राथमिकता देने तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति विपत्रों के निष्पादन में होने वाले विलंब को दूर करने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार ने गया जी में संस्थान का सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे मगध एवं शाहाबाद प्रमंडल सहित झारखंड के निकटवर्ती जिलों के लोगों को सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। साथ ही, गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी।

इस प्रस्ताव पर माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आश्वासन दिया कि वे गया जी में आईजीआईएमएस के सैटेलाइट सेंटर की स्थापना के संबंध में माननीय स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता करेंगे।

पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की ओर से जानकारी दी गई कि नवनिर्मित भवन में स्थानांतरण के बाद आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं के अंतर्गत मेडिसिन एवं शल्य चिकित्सा की गहन चिकित्सा इकाइयों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 60 कर दी जाएगी। इससे गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी तथा गहन चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

वहीं, एम्स, पटना के निदेशक ने राज्य के चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने वाले एंटी स्नेक वेनम सहित कुछ महँगी दवाओं को एम्स में भी उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। इस पर माननीय अध्यक्ष ने कहा कि वे इस विषय पर स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक कर आवश्यक पहल करेंगे।

बैठक में सभा सचिवालय के प्रभारी सचिव श्री संजय कुमार सिंह एवं पटना एम्स के निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार, पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह, नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन सिन्हा सहित संबंधित संस्थानों एवं सभा सचिवालय के अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।



Top