मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री से की मुलाकात

दीपावली एवं छठ महापर्व पर बिहार के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का किया अनुरोध, रेल और आई०टी० परियोजनाओं पर अहम चर्चा

मढ़ौरा और मधेपुरा रेल कारखानों की क्षमता दोगुनी करने पर चर्चा, सीतामढ़ी अयोध्या वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने पर सहमति ।

जनवरी 2027 में पटना साहिब में आयोजित होने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को ध्यान में रखते हुए 9 से 16 जनवरी के बीच बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलायी जायेंगी।

गयाजी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को रेल नेटवर्क से जोड़ने, नई रेल लाइनों और प्रस्तावित विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन के अंतर्गत गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल के निर्माण को लेकर हुई बातचीत।

बिहार में मैन्युफैक्चरिंग सिटी, सेमीकंडक्टर उद्योग और बड़े बी०पी०ओ० की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श ।

पटना, 03 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, लंबित रेल परियोजनाओं में तेजी लाने, यात्री सुविधाओं का विस्तार करने तथा सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। बैठक में कई प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति बनी तथा विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में बिहार के मढ़ौरा और मधेपुरा स्थित रेल इंजन निर्माण कारखानों के भविष्य और उत्पादन क्षमता के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान दोनों कारखानों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। मौजूदा उत्पादन व्यवस्था वर्ष 2028 में समाप्त होने के लगभग छह महीने बाद नए स्वरूप में उत्पादन पुनः शुरू करने और इनकी क्षमता दोगुनी करने की दिशा में पहल की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने गयाजी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा की। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि यदि राज्य सरकार आवश्यक भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करती है, तो रेलवे डोभी-चतरा रेल लाइन से गयाजी के औद्योगिक क्षेत्र तक नई संपर्क रेल लाइन बिछाने के लिए तैयार है। इससे औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी। बैठक में बिहटा औरंगाबाद तथा सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित विक्रमशिला कटरिया रेल लाइन के अंतर्गत गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल के निर्माण के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री द्वारा सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने के प्रस्ताव पर केंद्रीय रेल मंत्री ने सहमति जताई। इस रेल सेवा के शुरू होने से दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के बीच आवागमन सुगम होगा तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दीपावली एवं छठ महापर्व पर बिहार के लिये स्पेशल ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि दीपावली और छठ महापर्व के अवसर पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए बिहार के लिए सामान्य तौर पर संचालित लगभग 12 हजार ट्रेनों की तुलना में 15 हजार ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जनवरी 2027 में पटना साहिब में आयोजित होने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को ध्यान में रखते हुए 9 से 16 जनवरी के बीच बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलायी जायेंगी। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

बैठक में रेल परियोजनाओं के साथ ही बिहार को इलेक्ट्रॉनिक्स, आई०टी० औ औद्योगिक विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी हुई। केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार में एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकरि का सुझाव दिया। उन्होंने विशेष रूप से चमड़ा और वस्त्र उद्योग पर ध्यान केंद्रित आवश्यकता बताई, ताकि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें। बिहार में चल रही सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित परियोजनाओं, विशेषकर बिहार वन परियोजना की नियमित समीक्षा करने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री की बैठक में बिहार के राजापाकर क्षेत्र में बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि राजापाकर में उपलब्ध भूमि का ए-3 आकार का विस्तृत नक्शा तैयार किया जाए। इसमें सड़क और रेल संपर्क, विद्युत आपूर्ति लाइन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का स्पष्ट विवरण शामिल हो। इस नक्शे के आधार पर फॉक्सकॉन जैसी बड़ी कंपनी को अपनी आवश्यकता के अनुसार भूमि चयन का विकल्प दिया जा सकता है। इससे बिहार में बड़े सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश को आकर्षित करने की संभावनाएं मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री ने बिहार में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसी बड़ी बी०पी०ओ० कंपनी को प्रमुख निवेशक के रूप में स्थापित कराने का भी अनुरोध किया।

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