विधानमंडल के प्रश्नों और आश्वासनों की निगरानी अब ऑनलाइन, सात दिनों में पोर्टल पर अपडेट करनी होगी जिलों की लंबित रिपोर्ट : डॉ. दिलीप जायसवाल

विधायी प्रश्न निगरानी पोर्टल से होगी जिलावार समीक्षा, जवाबदेही और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने की पहल

पटना,04 नवम्बर। : बिहार विधानमंडल की समितियों और सदन में पूछे गए प्रश्नों तथा सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के निष्पादन की निगरानी अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसके लिए ‘विधायी प्रश्न निगरानी पोर्टल’ विकसित किया है। विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर पोर्टल का नियमित और अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विधानमंडल के प्रति सरकार की जवाबदेही सर्वोपरि है। सदन और उसकी समितियों में उठाए गए प्रश्नों तथा दिए गए आश्वासनों का समयबद्ध और तथ्यपरक जवाब देना हमारी जिम्मेदारी है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने डिजिटल पहल की है। अब प्रत्येक जिले की प्रगति और लंबित मामलों की स्थिति ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इससे जवाबदेही तय होगी और अनावश्यक विलंब पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
माननीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को तकनीक आधारित और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। विधायी प्रश्नों की निगरानी के लिए विकसित यह पोर्टल भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब तक विधानमंडल से संबंधित प्रश्नों और आश्वासनों की जानकारी जिलों से पत्र, ई-मेल और स्मार-पत्र के माध्यम से मांगी जाती थी। इस व्यवस्था में किस जिले से किस प्रश्न का जवाब प्राप्त हुआ है और कौन-सा मामला लंबित है, इसकी समेकित जानकारी जुटाने में कठिनाई होती थी। कई बार जवाब के पत्रांक एवं दिनांक का मिलान करने और समितियों की बैठक से पहले जिलावार स्थिति तैयार करने में भी समय लगता था। नई व्यवस्था से इन समस्याओं का समाधान होगा।


**सात दिनों के भीतर करनी होगी प्रविष्टि**

सभी जिलाधिकारियों को अपने जिले के नामित नोडल पदाधिकारी के माध्यम से पोर्टल का संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। पत्र जारी होने की तिथि से सात दिनों के भीतर जिले से संबंधित सभी प्रश्नों और आश्वासनों की वर्तमान स्थिति, टिप्पणी तथा भेजे गए जवाब का पत्रांक एवं दिनांक पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके बाद जब भी कोई जवाब भेजा जाएगा, उसी दिन या अगले कार्यदिवस तक पोर्टल को अपडेट करना होगा।
किसी प्रश्न या आश्वासन को पोर्टल पर तभी पूर्ण चिह्नित किया जाएगा, जब उसके सभी बिंदुओं का जवाब विभाग को भेज दिया गया हो। पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के साथ हस्ताक्षरित जवाब पूर्व की तरह आधिकारिक माध्यम से भी भेजना होगा।

**हर महीने होगी जिलावार समीक्षा**

जिलाधिकारी प्रत्येक महीने अपने जिले में पोर्टल पर दर्ज प्रगति की समीक्षा करेंगे। वहीं, विभाग भी पोर्टल के आधार पर जिलावार मासिक समीक्षा करेगा। इससे लंबित प्रश्नों और पुराने आश्वासनों की पहचान कर उनके चरणबद्ध निष्पादन में मदद मिलेगी। विधानमंडल की समितियों की बैठकों और सदन के सत्र से पहले विधानसभा एवं विधान परिषद से संबंधित जिलावार प्रतिवेदन भी तत्काल उपलब्ध हो सकेगा।
पोर्टल के संचालन के लिए चित्रों सहित हिंदी में 24 पृष्ठों की उपयोगकर्ता पुस्तिका भी उपलब्ध कराई गई है। जिलों को लॉगिन आईडी दी गई है, जबकि प्रारंभिक पासवर्ड अलग से गोपनीय तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर पहली बार लॉगिन करने पर पासवर्ड बदलना अनिवार्य होगा। तकनीकी कठिनाई होने पर विभाग के आईटी प्रकोष्ठ से संपर्क किया जा सकेगा।

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