कला और साहित्य मनुष्य को ऊर्जा और पूर्णता देता है :नंद किशोर यादव

साहित्य सम्मेलन में मनाया गया "नई दिशा परिवार" का ३०वाँ वार्षिकोत्सव और पटना साहिब कला-महोत्सव, महापौर सीता साहू समेत २३ विभूतियाँ हुईं सम्मानित

पटना, ०५ जनवरी। कला और साहित्य मानव-जाति को ईश्वर द्वारा प्रदत्त वे उपहार हैं, जिससे मानव जाति आदिकाल से जीवन की ऊर्जा और पूर्णता पाती रही है। जीवन के थकान देने वाले संघर्षों से पीड़ित मन को कला और साहित्य ही शांति और ऊर्जा देते हैं। इसलिए इनका मानव जीवन में विशेष स्थान हैं। 

ये बातें सोमवार को, सामाजिक-सांस्कृतिक-संस्था "नई दिशा परिवार" के तत्त्वावधान में, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित पटना साहिब कला-महोत्सव २०२६ का उद्घाटन करते हुए, बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने कही। उन्होंने कहा कि नई दिशा परिवार विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विगत ३० वर्षों से कला और संगीत की बड़ी सेवा कर रहा है। यह संस्था कलाकारों, समाज सेवियों और साहित्यकारों को सम्मान देकर उनमे ऊर्जा भरती रही है। सम्मान और पुरस्कार निश्चित रूप से व्यक्ति के मन में उत्साह और कर्तव्य के प्रति निष्ठा भरते हैं। 

समारोह के मुख्य अतिथि सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने नई दिशा परिवार के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा संस्था के अध्यक्ष राजेश वल्लभ एवं सचिव राजेश राज बधाई देते हुए कहा कि प्रशिक्षण और सेवा के निरन्तर कार्यों से संस्था ने देश भर में ख्याति अर्जित की है। 

अपने अध्यक्षीय उद्गार में साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि आदि-काल से भारत कला और साहित्य का महत्त्व समझता रहा है। हमारे ऋषि-कवियों ने जिन्होंने वेदों के जिन महा-मंत्रों का दर्शन और प्रकटीकरण किया था, उन्हें संगीत और विविध कलाओं के माध्यम से ही जगत को प्रदान किया। कला और संगीत को उन्होंने आत्म-साक्षात्कार और ईश्वर-प्राप्ति का माध्यम बनाया। प्रायः सभी ऋषि संगीत, कला और साहित्य के साधक थे। वे जानते थे कि इसी माध्यम से मनुष्य ज्ञानार्जन भी करेगा और "मनुष्य" भी बनेगा। 

विधायक श्याम रजक, पटना की महापौर सीता साहू, उप महापौर रेशमी चंद्रवंशी, पूर्व कुलपति प्रो कृष्ण चंद्र सिन्हा तथा डा दिवाकर तेजस्वी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का स्वागत संस्था के संरक्षक राजेश वल्लभ यादव ने तथा मंच का संचालन संस्था के सचिव राजेश राज ने किया। 

इस अवसर पर पटना की महापौर सीता साहू को "माँ देवपति स्मृति सम्मान" से विभूषित किया गया। उनके अतिरिक्त २३ अन्य मनीषियों को विविध अलंकरणों से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में डा श्याम बाबू, डा कौशल कुमार, डा पुरुषोत्तम नारायण मिश्र, रंजन कुमार राय, सिम्मी माला, राजा बाबू, हिमाद्रि शर्मा, धीरेंद्र गुप्ता, सरगम कुमारी, सोनम कुमारी, साक्षी कुमारी, आरुषि कुमारी, मनोज कुमार,कुमार पंकज सिन्हा, विभीषण कुमार, स्नेह कुमारी, शैल सिंह, राकेश कुमार, लवली कुमारी, गोपाल कुशवाहा तथा प्रेम कुमार के नाम सम्मिलित हैं। 

वार्षिकोत्सव में संस्था के कलाकारों ने गीत, नृत्य और संगीत के अनेक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन लूट लिया। कलाकारों में अंशिका, ख़ुशबू, स्नेहा, मुस्कान, बेबी, सुशील, आदित्य राज तथा आराध्या की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने दिल खोलकर सराहना की। इस अवसर पर ऋतुराज, मोहित कुमार, मुकेश कुमार वर्मा, परितोष कुमार, निशु चंद्रवंशी, उज्ज्वल राज, सूरज कुमार, कौशल राज, युवराज, सपना रानी, नैतिक राज, राहुल राज आदि संस्था के अधिकारी और स्वयंसेवक सक्रिय रहे।

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