नेपाल के PM बालेन शाह पहली बार भारत आएंगे, 22-24 नवंबर को हो सकता है दौरा


 नंई दिल्ली। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह जल्द भारत दौरे पर आ सकते हैं.।वह 22 से 24 नवंबर के बीच तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंच सकते हैं. प्रधानमंत्री बनने के करीब आठ महीने बाद उनकी यह पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी. इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हो सकती है. दोनों देशों के बीच रिश्तों, बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स, सीमा से जुड़े मुद्दों और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण जैसे विषयों पर बातचीत होने की संभावना है. हालांकि, भारत और नेपाल की सरकारों ने अभी तक इस दौरे की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. लेकिन दोनों देशों के बीच यात्रा की तैयारियां चलने की खबरें हैं. सूत्रों के मुताबिक, 22-24 नवंबर की तारीखों पर विचार किया जा रहा है.बालेन शाह 27 मार्च 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे. प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा सितंबर 2026 में अमेरिका की थी. वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे थे. वहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की थी. हालांकि, अमेरिका का यह दौरा बहुपक्षीय बैठक के लिए था. भारत यात्रा उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी. नेपाल के प्रधानमंत्री आमतौर पर अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को प्राथमिकता देते रहे हैं. ऐसे में बालेन शाह के भारत आने को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर बालेन शाह का रुख शुरुआत में विदेशी राजनयिकों के साथ मुलाकातों को लेकर काफी सतर्क रहा है.नेपाल के अखबार ‘द काठमांडू पोस्ट’ की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के अधिकारियों ने उन परियोजनाओं की लिस्ट शेयर की है, जिनका उद्घाटन या शिलान्यास बालेन शाह की यात्रा के दौरान हो सकता है. इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत प्रस्तावित है. इसके अलावा वह भारत के वरिष्ठ मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं. संभावित परियोजनाओं में नेपाल के पनौती में भारत की मदद से बन रही नेपाल पुलिस अकादमी, उत्तर प्रदेश की सीमा के पास भैरहवा एकीकृत जांच चौकी और पश्चिमी नेपाल के दार्चुला जिले में पुलों का उद्घाटन शामिल है. इसके अलावा डोधारा चांदनी एकीकृत जांच चौकी, लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना और सिलीगुड़ी-झापा पेट्रोलियम पाइपलाइन के निर्माण की शुरुआत भी इस यात्रा के दौरान हो सकती है.

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