ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी इस्तीफा नहीं देने का ऐलान
तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी इस्तीफा नहीं देने का ऐलान कर दिया है।
कोलकाता में प्रेस कांफ्रेंस कर मंगलवार को ममता बनर्जी ने दो टूक कहा कि वह लोकभवन में राज्यपाल के पास नहीं जाएंगी और ना ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में मेरी नैतिक तौर पर जीत हुई है। इसलिए इस्तीफा देने का सवाल नहीं उठता। उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर चुनाव आयोग के जरिए, वे हमें हरा सकते हैं लेकिन नैतिक तौर पर हम चुनाव जीत गए हैं। ममता ने कहा यह चुनाव परिणाम जनता का जनादेश नहीं, बल्कि एक साजिश का नतीजा है।
संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक किसी भी राज्य में विधानसभा चुनाव में हार के बाद वहां के मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपना होता है। देश के इतिहास में ये पहला मौका है जब चुनाव में हार के बाद भी कोई मुख्यमंत्री ये कह रही है कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। जाहिर तौर पर इससे नया संवैधानिक संकट खड़ा होगा, जिससे राज्यपाल और केंद्र सरकार को निपटना होगा।
संवैधानिक व्यवस्था के तहत 6 मई को विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के  नयी विधानसभा के गठन के प्रक्रिया पूरी कर नई सरकार बनेगी। 9 मई को शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन होगा। सीएम ममता बनर्जी के पदत्याग नहीं किये जाने पर राज्यपाल उन्हे बर्खास्त करने की ऐतिहासिक कार्रवाई कर सकते हैं।पश्चिम बंगाल विधानसभा की 293 सीटों के चुनावी नतीजों ने राज्य की सियासत में ऐतिहासिक बदलाव कर दिया है।प्रदेश में 20 वर्ष कांग्रेस, 34 वर्ष वामदल और 15 वर्ष टीएमसी की सत्ता के का अंत के बाद पहली पर भाजपा का कमल खिला है। उडीसा,बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सत्ता में होगी।भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं ज्यादा है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80 सीटों पर सिमट गई है। साल 2021 के मुकाबले टीएमसी को 134 सीटों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। भवानीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार उन्हें मात दी है.



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