दिल्ली में शराब घोटाला मामले में केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी,सीबीआई हाईकोर्ट गई

नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राउज कोर्ट ने शराब घोटाला केस में बरी कर दिया है।शराब नीति मामले में अदालत द्वारा दोषमुक्त किए जाने से पहले करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण केजरीवाल और सिसोदिया को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था। जेल जाने के बाद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और यह संकल्प लिया था कि वह तभी पद पर लौटेंगे जब वह निर्दोष साबित हो जाएंगे।
केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें उसी वर्ष 13 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। वह पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे। जेल जाने के बाद उन्होंने पदत्याग करने की बजाय जे से राज करने की ठान दी थी। कानून वेवश था। बाद में कोर्ट की पाबंदियों के कारण पदत्याग किया था।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को जमानत पर रिहा होने से पहले लगभग 17 महीने जेल में बिताने पड़े थे।जेल जाने के बाद उन्होंने पदत्याग किया था। 
इस केस के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा का लंबे समय बाद सत्ता से वनवास समाप्त हुआ और आप सत्ता से बाहर है।
उधर सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया था।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं. कोर्ट ने कहा कि हजारों पेजों के चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते. इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। वहीं अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे।अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर, 2024 को तब रिहा हुए जब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के मामले में जमानत दी।

Top