संसद के विशेष सत्र  में 131वां संविधान संशोधन से महिला वंदन  अधिनियम में होगा बड़ा बदलाव बड़ा
नई दिल्ली,,11 अप्रैल। आज से शुरू संसद के तीन दिवसीय  विशेष सत्र  में  महिला वंदन संशोधन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल)  11वां विधान संशोधन   के साथ इससे जुड़े दो कानून (कुल तीन बिल)भी पारित कराने (उद्देश्य से आज से शुरू  संसद के विशेष सत्र में 18 घंटे की बस होनी है।
17 अप्रैल को 4 बजे सरकार की ओर से जबाव होगा। इसके साथ लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के  परिसीमन हेतु विधेयक पारित होगा।
सरकार की मंशा है कि 2011 की जनगण के आधार पर परिसीमन के वाद 2029 के लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू होगी।इसके लिए लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या 50% बवाई जायेगी।इससे  लोकसभा को सीटे 543 से बढाकर 850 हो जायेगी। 2023 में बने आरक्षण कानून को नई जनगणना 2027 के आधार पर परिसीमन के बाद 2034 से लागू होगा।
केंद्र सरकार के प्रस्ताव का विपक्ष जोरदार विरोध कर रहा है। संविधान संशोधन बिल को पेश करने पर मत विभाजन हुआ। विपक्ष के 107 मतों के विरुद्ध सत्तापक्ष के 208 मतों से विल पेश हुआ।
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जनगणना 2026 की प्रक्रिया शुरु हो गई है। अभी घरों की गणना हो रही।   घरों से जाति की गणना नहीं हो सकती। घरों के बाद व्यक्तियों की जनगणना में जाति की गणना होगी। मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की मांग संविधान विरोधी है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने चर्चा में हस्तक्षेप कर कहा यह निर्णय प्रकिया किसी के साथ भेदभाव व अन्याय नहीं होगा।
आज से महिला वंदन संशोधन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल)  131वां विधान संशोधन   के साथ इससे जुड़े दो कानून (कुल तीन बिल)भी पारित कराने (उद्देश्य से आज से शुरू  संसद के विशेष सत्र में 18 घंटे की बस होनी है।संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 में लोकसभा के विस्तार का प्रस्ताव है और इसके तहत अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा।
17 अप्रैल को 4 बजे सरकार की ओर से जबाव होगा। इसके साथ लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के  परिसीमन हेतु विधेयक पारित होगा।
सरकार की मंशा है कि 2011 की जनगण के आधार पर परिसीमन के वाद 2029 के लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू होगी।इसके लिए लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या 50% बवाई जायेगी।इससे  लोकसभा को सीटे 543 से बढाकर 850 हो जायेगी। 2023 में बने आरक्षण कानून को नई जनगणना 2027 के आधार पर परिसीमन के बाद 2034 से लागू होगा।
केंद्र सरकार के प्रस्ताव का विपक्ष जोरदार विरोध कर रहा है। संविधान संशोधन बिल को पेश करने पर मत विभाजन हुआ। विपक्ष के 107 मतों के विरुद्ध सत्तापक्ष के 208 मतों से विल पेश हुआ।
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जनगणना 2026 की प्रक्रिया शुरु हो गई है। अभी घरों की गणना हो रही।   घरों से जाति की गणना नहीं हो सकती। घरों के बाद व्यक्तियों की जनगणना में जाति की गणना होगी। मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की मांग संविधान विरोधी है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने चर्चा में हस्तक्षेप कर कहा यह निर्णय प्रकिया किसी के साथ भेदभाव व अन्याय नहीं होगा।पीएम मोदी ने कहा, "इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वो देश की राजनीति के रूप स्वरूप को तय करेगा ही देश की दशा और दिशा भी तय करेगा. हम देश को नई दिशा देने जा रहे हैं।"जानकारी हो कि लोकसभा में बहुमत होने के बावजूद महिला आरक्षण जैसे संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराना सरकार के लिए आसान नहीं दिख रहा है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, कुल 543 सीटों में से एनडीए के पास करीब 293 सांसद हैं, जो साधारण बहुमत के लिए पर्याप्त है, लेकिन संविधान संशोधन के लिए जरूरी 2/3 बहुमत से काफी कम है।

ऐसे विधेयकों को पारित करने के लिए लगभग 360 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। इस लिहाज से सरकार को करीब 60-70 अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी।

वहीं विपक्षी गठबंधन (INDI Alliance) के पास करीब 233 सांसद हैं। अगर विपक्ष एकजुट रहता है और मतदान में हिस्सा लेता है, तो सरकार के लिए यह बिल पास कराना मुश्किल हो सकता है।

Top