प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर दुख जताने के साथ विपक्ष को कड़े शब्दों कोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में आज तीसरी बार राष्ट्र को संबोधित किया। महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी जंग तज हो गया है आधी आबादी का 2029 के लोकसभा चनास से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने के ध्येय उद्देश्य से लोकसभा में पेश बिल गिरने पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने दर्द और दुख जताने के साथ कांग्रेस सहित सम्पूर्ण विपक्ष को जमकर कोसा।

पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल में सबसे पहले राष्ट्र के नाम संबोधन 12 मई 2025 को दिया था. उस समय उन्होंने पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के जवाबी हमले में ऑपरेशन सिंदूर के बारे में लोगों को बताया था. दूसरी बार 21 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में 22 सितंबर 2025 से जेनरेशन जीएसटी सुधारों (GST 2.0) को लागू करने की घोषणा की थी.
 उस समय पीएम मोदी ने कहा था कि कल, नवरात्रि के पहले दिन सूर्योदय के साथ ही अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू कर दिए जाएंगे. 
देश के नाम अपने संबोधन में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज मैं यहां एक ज़रूरी मुद्दे पर बात करने आया हूं, खासकर इस देश की महिलाओं के लिए. इस देश का हर नागरिक देख रहा है कि महिलाओं की तरक्की कैसे रुक गई है... हमारी पूरी कोशिशों के बावजूद, हम कामयाब नहीं हुए हैं. नारी शक्ति अधिनियम में बदलाव नहीं हो पाए. और मैं इसके लिए देश की सभी माताओं और बहनों से माफ़ी मांगता हूं."

पीएम मोदी ने कहा, "देश की भलाई हमारी प्राथमिकता है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए राजनीतिक फ़ायदा देश की भलाई से भी बड़ा हो जाता है, तो इसका बोझ देश की महिलाओं को उठाना पड़ता है. इस बार भी यही हुआ." "देश की नारी शक्ति को कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की मतलबी राजनीति का बोझ उठाना पड़ा."


पीएम मोदी ने कहा, "वे भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की महिलाएं देश में हो रहे हर डेवलपमेंट को करीब से देख रही हैं. वे इरादे भांप सकती हैं और सच्चाई को साफ-साफ समझ सकती हैं. इसलिए, महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने जो पाप किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी. इन पार्टियों ने संविधान बनाने वालों की भावनाओं का भी अपमान किया है, और वे लोगों की दी गई सजा से बच नहीं पाएंगे. सदन में नारी शक्ति वंदन अमेंडमेंट किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं था, यह सबको कुछ देने के लिए था."


कांग्रेस ने महिलाओं के समर्थन में खड़े होने का मौका खो दिया
पीएम ने कहा, "व्यक्तिगत, मुझे उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी, अपने पापों का प्रायश्चित करेगी. लेकिन कांग्रेस ने इतिहास लिखने और महिलाओं के समर्थन में खड़े होने का मौका खो दिया. कांग्रेस देश के ज़्यादातर इलाकों में अपना वजूद खो चुकी है. एक पैरासाइट की तरह, कांग्रेस क्षेत्रीय पार्टियों पर सवारी करती है और खुद को ज़िंदा रखती है. लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय पार्टियां मज़बूत हों. इसलिए, उसने इस संशोधन का विरोध करवाकर कई क्षेत्रीय पार्टियों का भविष्य अंधेरे में धकेलने की राजनीतिक साजिश रची."


कांग्रेस, सपा, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियों ने महिलाओं के अधिकारों को लूटा
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "कांग्रेस, सपा, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियों ने इतने सालों में एक ही बहाना बनाया है. कोई टेक्निकल मुद्दा उठाकर, उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लूटा है. देश राजनीति के इस गंदे पैटर्न को समझ गया है और इसके पीछे का कारण भी समझ गया है."
अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो वंशवादी पार्टियों की लीडरशिप को खतरा
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के पीछे एक बड़ा कारण है - इन वंशवादी पार्टियों का डर. उन्हें डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन वंशवादी पार्टियों की लीडरशिप खतरे में पड़ जाएगी. वे कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार से बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें..."



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