लोकसभा में  महिला आरक्षण संबंधी 131वां संशोधन बिल गिरा
नई दिल्ली,17 अप्रैल। संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन आज  महिला आरक्षण संबंधी 131वां संशोधन बिल को पास नहीं कराया जा सका।
लोकसभा और विधानसभाओं में  महिलाओं के लिए 33% आरक्षण से जुड़ा संंविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गया।आधी आबादी  गई  की उम्मीद टूट गयी ।
 संविधान संशोधन बिल के पक्ष में अपेक्षित दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। विल के पक्ष  में  298 वोट पड़े जबकि 230 वोट पड़े।
 महिला आरक्षण विधेयक को लेकर लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। 
 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी दलों से इस बिल का समर्थन करने की अपील की, तो वहीं विपक्ष ने इसे लेकर गंभीर आपत्तियां की।। महिला आरक्षण बिल गिरने पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजुजु  परिसीमन से जुड़े दो बिलों के ऊपर आगे की कार्यवाही  रोक देने की पहल की।
शुक्रवार की शाम वोटिंग हुई। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष से विल का समर्थन की अपील के साथ कहा नहीं तो यह ऐतिहासिक बिल गिर जायेगा।
इस बिल के प्रावधान के अनुसार 2011 की जनगणना के आधार पर लीकसभा और विधानसभाओ का परिसीमन के बाद 2029 का लोकसभा चुनाव में महिलाओ के लिए 33% आरक्षण लागू किया जाता।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने हेतु लोकसभि और विधानसभा की सीटे 50% बढ़ा दी जाती। इससे लोकसभा सीटें  543 से बढाकर 816 हो जाती।850 सीटें की जाती।
एक रोचक तथ्य है कि 2023 में संसद द्वारा पारित नारी वंदन अधिनियम लागू करने की अधिसूचना 16 अप्रैल, 2026 को जारी की गई। संशोधन बिल पारित कराने के लिए यह अनिवार्य था।अधिनियम के तहत 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होता और 2034 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33%आरक्षण  आगू होता।
विपक्ष का आरो था कि पाच राज्यों यथा पश्चिम बंगाल और तमिलनाड में विधानसभा चुनाव में लाभ पाने के ध्येय व उद्देश्य से इस विल को लाया गया था।

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