अयोध्या राम मंदिर में दान व चढावा चोरी मामले में  मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिम्रा का  इस्तीफा
अयोध्या के विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में दान व चढावा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिम्रा ने शुक्कारवार को  इस्तीफा कर दिया। बताया जा रहा है कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने और जांच पूरी होने तक यह कदम उठाया गया है।
चंपत राय (चंपत राय बंसल) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  और विश्व हिंदू परिषद  के एक प्रमुख भारतीय नेता रहे  हैं। वे वर्तमान में अयोध्या में "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट" के महासचिव थे। राम मंदिर आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राम मंंदिर में  चंदा चोरी के आरोप के बाद से मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैंअयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने के बाद गुरुवार देर शाम आठ लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी.
 चढ़ावा चोरी के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद और जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा के अलावा गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई। सभी पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। जिसके बाद आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
एसआईटी की जांच में करोड़ों रुपये की नकदी और जेवरातों का हेरफेर करने की पुष्टि हुई थी, जिसमें इन आरोपियों का नाम सामने आया। यही नहीं, ट्रस्ट ने भी घटना उजागर करने के बाद इन सभी को पकड़ा था। इनकी निशानदेही पर करीब तीन करोड़ रुपये बरामद किए थे। अब जब विवेचना होगी तो स्पष्ट हो सकेगा कि कितने करोड़ का खेल हुआ और कितना सोना-चांदी व कीमती धातु के जेवरात गायब किए गए।
सीएम योगी  आदित्यनाथ ने कहा है कि, मैंने 19 जून को अयोध्या के दौरे पर कहा था, जन आस्था के साथ खिलवाड़ न हो। अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप मत करो, श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। एसआइटी रिपोर्ट आई, कार्रवाई प्रारंभ हो गई है।


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