निशांत को मिलेगी जदयू की बागडोर ? पार्टी की बैठक में छाये रहे निशांत
पटना,21 जून।बिहार में सत्ता में सहभागी जेडीयू की राज्य परिषद और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी के संस्थापक नीतीश कुमार के साथ उनके बेटे निशांत कुमार भी छाये रहे।देरसबेर पार्टी की बागडोर निशांत ही संभालेगे। पार्टी के सर्वेसर्वा और सर्वमान्य नेता पूर्व सीएम नीतीश को जदयू का संविधान बदलने तक की शक्ति सौंप दी है। राजनीति में सक्रियता के लिए निशां को सरका में स्वास्थ मंत्री का दायित्व सौंपने के बाद निशात को पार्टी संगठन खका भी दायात्व सौपने यथा कोई बड़े पद पर बैठाने की समझ बनी है। संजय झा फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
बैठक में निशांत को पार्टी का भविष्य बताया गया। और दावा किया गया कि 
रविवार को पटना जदयू के प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी ठाकुर सभागार में बैठक हुई। नीतीश कुमार के नाम पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मुहर लगाई गई। बैठक में संगठन, पार्टी की संपत्ति, संविधान संशोधन और राजनीतिक प्रस्तावों समेत कई अहम मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए।
पार्टी की चल अचल संपत्ति के लिए बनेगा ट्रस्ट : राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जेडीयू की चल और अचल संपत्ति के रखरखाव, सुरक्षा और देखरेख के लिए एक ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस ट्रस्ट के गठन और उससे जुड़े निर्णय लेने के लिए नीतीश कुमार को ही अधिकृत किया गया है। पार्टी का मानना है कि ट्रस्ट के माध्यम से जेडीयू की संपत्तियों का बेहतर ढंग से संरक्षण और प्रबंधन हो सकेगा।
संविधान संशोधन के लिए भी नीतीश अधिकृत : बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि भविष्य में यदि जेडीयू के संविधान में किसी संशोधन की आवश्यकता पड़ती है तो इसके लिए नीतीश कुमार को अधिकृत किया जाएगा. पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठनात्मक जरूरतों के अनुरूप त्वरित निर्णय लेने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बिहार में सत्ता परिवर्तन यथा भाजपा की अगवाई में पहली बार सरकार बनने के बाद जदयू की पहली बड़ी बैठक हुई। जदयू के पहली बार दो डिप्टी सीएम का पद मिलने साथ निशांत बिना किसी सदन के सदस्य रहे वगैर मंत्री बने।अब वे परिषद सदस्य निर्वाचित हुए हैं।
जदयू का युवा नेतृत्व को नीती की राजनीतिक विरासत संभालने के साथ पाट्री का भविष्य बचाने और एकजुट रखने की फिलहाल बड़ी चुनौती है।

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