पश्चिम बंगाल में रिकार्डतोड वोटिंग, तमिलनाड में चुनाव पूरा,नतीजे का इंतजार
अरुण कुमार पाण्डेय 
आज पूरे देश की निगाहें पश्चिम बंगाल और तमिलनाड में चुनाव पर टिकी रही। तमिलनाड में 85.14% वोटिंग के साथ सभी 234 सीटों के लिए एक ही चरण में चुनाव हो गया।
वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव में बंपर वोटिंग हुई। 16 जिलों की 152 सीटों के लिए 92.72%की रिकार्डतोड वोटिंग हुई। एन सीटों में से पिछले चुनाव में टीएमसी 93 और भाजपा 59 सीटें जीती थी।चुनावी हिंसा के लिए बदनाम पश्चिम बंगाल में वोटिंग के दौरान झडप, मारपीट, भाजपा प्रत्याशी की पिटाई,वोटर्स को डराने धमकाने की भी घटनायें हुई।
 रिकार्डतोड वोटिंग क्या सत्ता परिवर्तन का संकेत है ममता मनर्जी की सत्ता में लगातार चौथी बार वापसी के लिए जनता के अपार समर्थन मिलने का संदेश है? चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ टीएमसी और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के ही बीच है। 
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए 29 अप्रैल को 142 सीटों के लिए वोटिंग के बाद 4 मई को काउटिंग के बाद नतीजे की घोषणा होगी।
पश्चिम बंगाल में इस बार के चुनाव में बहुमत पाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले चुनाव में यह आस पूरी नहीं हुई परंतु77 सीटों पर जीत के साथ कांग्रेस और वामदलों को धूल चटाने में कामयाब रही थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह आज भी पश्चिम बंगाल के चुनावी दौरे पर रहे।
टीएमसी के लिए भी यह चुनाव करो या मरो जैसा है। 
पिछले चुनाव मे भाजपा की 77 सीटें के मुकाबले 215 सीटें जीतने वाली टीएमसी की इस बार चुनाव आयोग से भी भिड़ंत होती रही।एसआईआर मेः करीब 90 लाख वोटर के नाम कटने से टीएमसी ज्यादा परेशान रही।सडक से संसद और सुप्रीम कोर्ट तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के रवैये के खिलाफ लडी।आज भी टीएमसी के सासंद पूर्व डीजीपी राजीव कुमार ने 500 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोष जताने के साथ मुख्य चुनाव अधिकारी से मिल विरोध जताया।उन्होने चेताया कि गिरफ्तारी के खिलाफ संबंधित अफसरों को कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई करवायेंगे।
पश्चिम बंगाल में  नेताओ के चेहरा पर चुनाव  लडने के साथ कांग्रेस 20 वर्ष,वामदल 34 वर्ष और टीएमसी की 15 वर्ष से सत्ता रही है। इस बार बिहार की तरह पहली बार भाजपा की सरकार बनैगी?
ममता बनर्जी को सत्ता से उखाड फेक कभी उनके सहयोगी रहे विपक्ष के नेता शुभेन्दु अधिकारी या कोई अन्य सीएम होंगे? पिछली बार शुभेन्दु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को करीब 1900 वोटों के अंतर से पछाड़ दिया था ।इस बार शुभेन्दु ममता को भवानीपुर में भी टक्कर दें रहे हैं।

27% मुस्लिम आबादी बाले पश्चिम बंगाल का मुस्लिम बहुल 6 जिला-मुर्शीदाबाद,24 परगना उत्तर, 24 परगना वीरभूम , उत्तर दिनाजपुर और मालदा ममता बनर्जी का मज़बूत राजनीतिक गढ माना जाता है। पिछले चुनाव में40%सीटे यानि 118 सीटें टीएमसी ने इन्ही जिलों में जीती थी। महिला व युवा वोटरों के साथ,टीएमसी का गांव स्तर तक कार्यकर्ताओं का वर्चस्व और बंगाल अस्मिता की आवाज बने रहना बडी ताकत मानी जाती है।टीएमसी सरकार में भ्रष्टाचार की आम शिकायत के साथ कई मत्रियों व नेताओं की गिरफ्तारी से टीएमसी की छवि को नुकसान हुआ है।भाजपा ने टीएमसी के भष्टाचार और समर्थकों की गुडागर्दी को ही मुख्य मुद्दा भी बनाया है।
ममता बनर्जी का चुनावी गणित की नींव मुस्लिम और महिला पर टिकी है। यदि यह नींव हिली तो टीएमसी  सत्ता गंवा देंगी।
चुनाव आयोग के लिए भी भयमुक्त चुनाव कराने की अग्नि परीक्षा है। 2450 कंपनी केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गयी ।

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