अयोध्या में प्राण  प्रतिष्ठा के लिए सबसे पहले संतों को भेजा जा रहा है निमंत्रण।
निरंजन
अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए सबसे पहले संतों को आमंत्रित किया जा रहा है। समारोह में देश भर के करीब चार हजार संत एकत्रित होंगे।रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रण कार्ड बांटने का काम श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले साधु - संतों को आमंत्रण कार्ड भेजा जा रहा है। इसके लिए इसकी छपाई करा ली गई है। समारोह में देश के विभिन्न परंपराओं के करीब चार हजार संतों को आमंत्रित किए जाने का निर्णय लिया गया है। आमंत्रण पत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की ओर से भेजा जा रहा है। इसके माध्यम से अपील की जा रही है कि लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। पौष शुक्ल द्वादशी 22 जनवरी को रामलला के नूतन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा मंदिर के गर्भगृह में की जाएगी। प्रबल इच्छा है कि अयोध्या में उपस्थित रहकर आप इस महान अवसर के साक्षी बनें।
      श्री राय ने संतों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी स्वजन 21 जनवरी के पूर्व अयोध्या आने की योजना बनाएं। विलंब से आने पर परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। 23 जनवरी तक अयोध्या में रहने का आग्रह भी ट्रस्ट कर रहा है। देश भर के संतों के साथ अयोध्या के भी संतों को आमंत्रण देने का काम शुरू कर दिया गया है। संघ व विहिप के कार्यकर्ताओं की टीम संतों से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रण दे रहे हैं।
   उधर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अयोध्या में खास तैयारी शुरू कर दी गई है। समूचा अयोध्या को अद्भुत तरीके से सजाने और संवारने की योजना है। साधु - संत के साथ श्रद्धालु जन प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्साहित हैं।

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